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Lucknow News: बोर्ड पर डिजिटल पेमेंट स्वीकार है...काउंटर पर सिर्फ कैश की सुविधा

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काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
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लखनऊ। केजीएमयू में डिजिटल इंडिया के बड़े-बड़े दावे दीवारों और बोर्डों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। दूर-दराज से बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले मरीजों को यहां जांच और इलाज से पहले कैश के लिए भटकना पड़ रहा है। नई ओपीडी समेत कई काउंटरों पर डिजिटल भुगतान की सुविधा बंद होने से मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। इससे जांच और इलाज में भी देरी हो रही है।
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अस्पताल परिसर में जगह-जगह डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन भुगतान स्वीकार होने के बोर्ड लगे हैं, लेकिन हकीकत इसके उलट है। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में नई ओपीडी में पर्चा बनवाने से लेकर जांच के बिल काउंटर तक डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुविधा बंद मिली।

लाइन में लगे तीमारदारों ने बताया कि पूरे परिसर में सिर्फ कुछ ही जगहों पर डिजिटल भुगतान लिया जा रहा है। सीतापुर से इलाज कराने पहुंचे राम प्रकाश ने बताया कि कर्मचारियों से डिजिटल पेमेंट की बात कहने पर जवाब मिलता है कि इलाज कराना है तो कैश ही देना पड़ेगा। मजबूरन उन्हें जनसेवा केंद्र और एटीएम के चक्कर लगाने पड़े।
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लोगों का कहना है कि डिजिटल इंडिया की बात कागजों और बोर्ड तक ही सीमित है, जमीनी हकीकत अब भी कैश पर निर्भर है। नई ओपीडी स्थित अमृत फार्मेसी में ही डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल रही है।

कैश की वजह से जांच में देरी

जानकीपुरम से इलाज कराने पहुंचीं मालती तिवारी (45) ने बताया कि उनकी बेटी करीब एक घंटे लाइन में लगी रही। नंबर आने पर डिजिटल पेमेंट लेने से मना कर दिया गया। कर्मचारी ने साफ कहा कि सिर्फ कैश ही लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें बाहर जाकर पैसे का इंतजाम करना पड़ा, जिससे जांच में देरी हो गई।

कैश के लिए देने पड़े अधिक रुपये

सुल्तानपुर से आए विनय चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पास कैश नहीं था, जिससे पर्चा बनवाने से लेकर दवा लेने तक परेशानी हुई। काफी देर तक कैश के लिए भटकना पड़ा। आखिरकार अस्पताल के बाहर दो हजार रुपये कैश लेने के लिए 40 रुपये अतिरिक्त देने पड़े।

रोज आते हैं तीन हजार से अधिक मरीज

नई ओपीडी में प्रतिदिन तीन हजार से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से करीब दो हजार मरीजों को खून, एक्स-रे और अन्य पैथोलॉजी जांच लिखी जाती हैं। ऐसे में बिलिंग काउंटरों पर डिजिटल या कार्ड भुगतान की सुविधा न होने से दूर-दराज से आए मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

Iअस्पताल में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की सुविधा उपलब्ध है। नई ओपीडी में बैंक खाते से जुड़ी कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण भुगतान अस्थायी रूप से बंद है। आईटी सेल को समस्या जल्द दूर कर सुविधा बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।I
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I- डॉ. केके सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयूI

काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।

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