एक दिसंबर से राष्ट्रीय राजमार्ग के हर टोल प्लाजा पर डिजिटल पेमेंट किया जा सकेगा। इसके लिए एनएचएआई पूरे देश में महाअभियान चला रहा है। डिजिटल पेमेंट के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन कार्यक्रम ‘फास्टैग’ लॉन्च किया गया है। एनएचएआई का दावा है कि फास्टैग व्यवस्था से टोल प्लाजा पर जाम की समस्या हल हो जाएगी।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी राजीव अग्रवाल ने एक बयान में बताया कि एक दिसंबर तक राष्ट्रीय राजमार्ग की सभी लेन फास्टैग लेन कर दी जाएंगी। सिर्फ एक लेन हाईब्रिड होगी, जिसमें फास्टैग के साथ-साथ अन्य मोड में भी पेमेंट स्वीकार किया जाएगा। एक नवंबर से इसका ट्रायल भी शुरू हो गया है।
प्रत्येक एनएच टोल प्लाजा के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो फास्टैग ट्रायल को मॉनीटर करेंगे। माई फास्टैग एप या निजी व पब्लिक सेक्टर के बैंकों से फास्टैग को रिचार्ज कराया जा सकता है। हेल्पलाइन नंबर 1033 से नजदीकी फास्टैग प्वाइंट ऑफ सेल की जानकारी ली जा सकती है।
बिना फास्टैग वाले वाहनों को देना पड़ेगा दोगुना शुल्क
राजीव अग्रवाल ने बताया कि गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अगर टोल प्लाजा पर कोई बिना फास्टैग वाला वाहन ‘फास्टैग लेन’ में प्रवेश करता है, तो उसे निर्धारित शुल्क से दोगुना शुल्क देना होगा। सिर्फ एक लेन ही ऐसी होगी, जहां अन्य किसी मोड से पेमेंट किया जा सकता है।