राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत गठित महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को समृद्ध बनाने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए प्रदेश के सभी 16 नगर निगम वाले शहरों में ''दीदी कैफे'' की शुरूआत की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वाराणसी में इसकी शुरूआत हो चुकी है। इस कैफे का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा ही किया जाएगा। नगर विकास विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही इसका शुभारंभ किया जाएगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग अमृत अभिजात की अध्यक्षता में पिछले दिनों बैठक हुई थी, जिसमें पहले चरण में नगर निमम वाले शहरों में ''दीदी कैफे'' का संचालन शुरू करने का फैसला किया गया है। शासन स्तर पर सहमति बनने के बाद अब इन शहरों में कैफे शुरू करने को लेकर विभाग ने तैयारियां से शुरू कर दी है।
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बैठक में यह भी तय किया गया है कि पहले चरण के शहरों में कैफे संचालन के परिणाम को देखने के बाद दूसरे चरण में जिला मुख्यालय वाले नगर पालिका परिषदों और बाद में अन्य निकाय वाले शहरों में भी इसका संचालन शुरू किया जाएगा।
इन कैंटीन के माध्यम से जहां महिलाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं लोगों को सस्ते नाश्ते और खाने की सुविधा मिलेगी। प्रमुख सचिव ने यह भी निर्देश दिया है कि इसके लिए छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में महिला समूहों द्वारा विभिन्न अभिनव प्रयोगों को देखा जाए।