यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए केंद्र निर्धारण नीति में बदलाव की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इस बार डिबार स्कूलों को केंद्र नहीं बनाने का प्रावधान किया है।
अधिक दूरी दिखाकर मनचाहे स्कूलों को केंद्र बनवाने के नाम पर होने वाले खेल के लिए प्रधानाचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक को दोषी माना जाएगा।
मंडलीय समिति से केंद्र निर्धारण को अंतिम रूप देने के बाद नया केंद्र नहीं बनेगा। विशेष परिस्थितियों में शासन स्तर से ही केंद्र बनाया जा सकेगा।
माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली से अनुमति मिलने के बाद नई केंद्र निर्धारण नीति जारी की जाएगी। बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण में जमकर खेल होता है।
शिक्षा माफिया अधिकारियों से मिलकर मनमाने तरीके से केंद्रों का निर्धारण कराते हैं। डिबार यानी काली सूची में डाले गए स्कूलों को फिर से केंद्र बना दिया जाता है।