डॉक्टरों का कहना है कि उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) और डायबिटीज के मरीजों को पक्षाघात होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। इसके साथ धूम्रपान, ज्यादा मात्रा में शराब पीना और एक्सरसाइज की कमी हो सकती है।
बुधवार को विश्व पक्षाघात दिवस इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आईएमए भवन, रिवर बैंक कॉलोनी में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम में विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. हरदीप सिंह मल्होत्रा ने बताया कि हर एक लाख की आबादी में से करीब 55 लोग पक्षाघात की बीमारी का शिकार बनते हैं।
इसकी दर को काफी कम किया जा सकता है। अगर लोग शारीरिक व्यायाम के अलावा धूम्रपान और शराब की लत को छोड़ दें।
अगर मरीज हाई बीपी और डायबिटीज की समस्या से पीड़ित है तो धूम्रपान और शराब पक्षाघात का कारण बन सकती है।
डॉ. राजेश वर्मा ने बताया कि ज्यादातर मामलों में लोग पक्षाघात के बाद की दिक्कतों के लिए तैयार नहीं होते।
इसमें लोगों को याददाश्त की कमी की बीमारी डिमेंशिया, भाषा समझने की समस्या, हड्डियों का कमजोर होना, कंधों में दर्द की परेशानी हो सकती है।
इसकी शुरुआत पेशेंट को निगलने की दिक्कत जैसी छोटी बात से शुरू हो सकती है। ध्यान रखा जाए कि पक्षाघात के बाद अस्पताल में भर्ती मरीज का हृदय से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।