बीती ३१ अगस्त को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से ध्यानचंद अवार्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड लेने के बाद सैयद अली राजधानी वापस लौट आये और हमेशा की तरह सोमवार शाम को बाबू सोसाइटी के ट्रेनिंग सत्र में खिलाडिय़ों से मिलने पहुंच गए।
इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षुओं से मिलकर दिल्ली में हुए समारोह की बातें साझा की और सभी को बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।
संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलना बड़ी सफलता है, लेकिन इसे किस लिए दिया गया है। इस पर भी ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है।
मुझे यह सम्मान सन्यास के बाद भी हॉकी से लगातार जुड़े रहने के लिए दिया गया है। इसलिए हॉकी को खुद से अलग न करके हमेशा इस खेल के प्रोत्साहन के लिए काम करूंगा।