1864 करोड़ रुपये का मूलधन और उस पर बना 208 करोड़ रुपये का ब्याज समय से वापस कर दिया गया है। 30 सितंबर को हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद 456 करोड़ रुपये की राशि परिपक्व हो चुकी है। ब्याज समेत कुल 512 करोड़ रुपये का भुगतान करना है, जोकि इस आदेश के कारण रोकना पड़ा है।
इन दोनों ही संस्थाओं की 1812 करोड़ रुपये की राशि की एफडी परिपक्व होना बाकी है। 340 करोड़ रुपये ब्याज के साथ यह 2152 करोड़ रुपये बनेगा। कंपनी ने यूपीपीसीएल सीपीएफ ट्रस्ट और यूपी स्टेट पावर सेक्टर एम्प्लाई ट्रस्ट की राशि को सावधि जमा के लिए बनाई गईं सभी नियम व शर्तों का पालन करते हुए स्वीकार की हैं।
कहा गया कि डीएचएफएल हरसंभव प्रयास कर रही है कि सावधि जमा की परिपक्व राशि वापस करने में किसी तरह की दिक्कत न आए।