लखनऊ। बजट में न्यूनतम 7500 रुपये पेंशन की घोषणा की मांग को लेकर पेंशनरों ने बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना दिया। ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के धरने में प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री व श्रम मंत्री के आश्वासनों के बावजूद पेंशन नहीं बढ़ रही है।
राष्ट्रीय सचिव राजीव भटनानगर ने बताया कि सरकार कई योजनाओं में बिना किसी अंशदान के चार हजार रुपये तक पेंशन बांट रही है। उधर, ईपीएस-95 के पेंशनरों को 35 साल के सेवा में नियमित पेंशन अंशदान ईपीएफओ में जमा करने के बावजूद औसतन 1171 रुपये की मासिक पेंशन दी जा रही। ईपीएफओ आयुक्त अश्विनी कुमार को श्रम मंत्री के नाम से संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। एस. तिवारी, राजीव भटनागर, राजशेखर नागर, आरएन. द्विवेदी, नासिर खां, पीके श्रीवास्तव आदि ने संबोधित किया। प्रदर्शन में रोडवेज आवश्यक वस्तु निगम, अपट्रॉन, एचएएल, आईटीआई, सीड कॉर्पोरेशन, एफसीआई, वन निगम, निर्माण निगम और निजी संस्थाओं के पेंशनर शामिल हुए।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।
बृहस्पतिवार को गोमतीनगर स्थित ईपीएफ कार्यालय के समक्ष धरना देते कर्मचारी।