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CAA: महिलाओं के प्रदर्शन पर साथ आए मुस्लिम, सिख व इसाई धर्मगुरु, मुकदमा दर्ज करने पर उठाए सवाल

Wed, 22 Jan 2020 04:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ घंटाघर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की सभी धर्मों के धर्मगुरुओं ने निंदा की।

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ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, गुरुद्वारा कमेटी प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बग्गा और लखनऊ के बिशप जीराल्ड मेथाइज ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर कहा कि दिल्ली के शाहीनबाग की तर्ज पर सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में ऐतिहासिक घंटाघर पर महिलाएं शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रही हैं। इसमें महिलाओं पर केस दर्ज करने की हम कठोर शब्दों में निंदा करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने का अधिकार हमें संविधान ने दिया है, महिलाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करना बुनियादी तौर पर असंवैधानिक व गैरकानूनी है। धर्मगुरुओं ने कहा है कि प्रदर्शन में घरेलू महिलाएं अपने बच्चों के साथ शामिल हैं। वहां पर लाइट बंद करना, शौचालयों में ताला डलवाना अपने आप में बुनियादी मानवाधिकारों के खिलाफ है।

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पांच दिन बाद भी प्रदर्शन जारी

नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में हुसैनाबाद घंटाघर पार्क में पांच दिन बाद भी महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। लगातार 100 घंटे से भी ज्यादा वक्त से यहां डटीं महिलाएं देशभक्ति के नारों से प्रदर्शन को धार दे रही हैं। उन्हें समर्थन देने वालों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि मंगलवार को घंटाघर पर भारी भीड़ जुटी।

प्रदर्शन में बुजुर्ग महिलाएं, बच्चे व दिव्यांग भी अपनी भागीदारी निभा रहे हैं। बच्चे कागज पर तिरंगा बनाकर अपनी भावनाएं प्रकट कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी मुस्लिम महिलाओं का उत्साह बढ़ाने मुहल्ले की हिंदू महिलाएं भी मिलने आ रही हैं। उधर, गोमतीनगर में सोमवार रात से शुरू हुआ प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहा।

बुजुर्ग व दिव्यांग बढ़ा रहे हौसला
प्रदर्शन में शामिल 80 से 90 साल की बुजुर्ग महिलाएं भी देश और संविधान की सुरक्षा की दुआ कर रही है। प्रदर्शन स्थल पर ही सफ बनाकर नमाज अदा कर रही हैं। वजीरबाग के दिव्यांग दंपती मो. वसीम व उनकी पत्नी तरन्नुम भी लगातार तीसरे दिन डटे रहे। उनका साथ देने को मंगलवार को दिव्यांग अंजुम भी गईं।

आई लव इंडिया जैसे स्लोगन लिख कर देश के प्रति प्रदर्शित कर रहे अपनी भावनाएं

घंटाघर पर प्रदर्शन के बीच किनारे दरी पर बैठे बच्चे कागज पर तिरंगा बनाने में जुटे थे। उनमें रंग भर कर मेरा भारत महान, आई लव इंडिया जैसे स्लोगन लिख कर देश के प्रति अपनी भावनाओं को प्रदर्शित कर रहे थे।

भारत का नक्शा बना सर्वधर्म एकता का संदेश
प्रदर्शन में शामिल युवतियों ने रंगोली के रंगों से सीएए व एनआरसी के विरोध में नारे लिखे तो जमीन पर पूरे भारत का नक्शा बनाकर उसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई की एकता का संदेश भी दिया। नक्शे को सलामी देकर संविधान की रक्षा का संकल्प लिया।

अस्थायी लाइब्रेरी में इतिहास की जानकारी
प्रदर्शन स्थल पर सैयद आमिर ने एक अस्थायी लाइब्रेरी खोली है। इसमें इतिहास की 50 से ज्यादा किताबें रखी गई हैं। लाइब्रेरी में महात्मा गांधी, चंद्रशेखर आजाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसे महापुरुषों से संबंधित किताबें हैं।
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महिलाओं पर वसीम की टिप्पणी से सामाजिक कार्यकर्ता नाराज

नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं पर टिप्पणी करने पर मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी का चित्र फूंक कर प्रदर्शन किया।

एफाआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किए जाने की मांग की। राष्ट्रीय सामाजिक कार्यकर्ता संगठन के बैनर तले शहीद स्मारक पर एकजुट सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वसीम रिजवी के बयान की निंदा की। कहा कि सीएए और एनआरसी के विरोध में महिलाएं भीषण ठंड में खुले आसमान के नीचे प्रदर्शन कर अपना अधिकार मांग रही हैं।
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