धनतेरस पर शाम 5:16 मिनट से शाम 7:48 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। पंडित केए पद्मेश दुबे ने बताया कि इस काल में मिट्टी के एक दीये में तिली या सरसों का तेल भर कर घर में प्रवेश द्वार की दाईं तरफ जलाना चाहिए। धनतेरस से यम द्वितीया तक यम को दीप दान करने से परिवार में अकाल मृत्यु नहीं होती है।
धनतेरस और दीपावली को देखते हुए कानपुर के सर्राफा कारोबारियों ने शाही डिजाइन वाले चांदी के कई उत्पाद बाजार में उतारे हैं। चांदी के लेडीज पर्स पहली बार बाजार में आए हैं। इनकी अधिकतम कीमत सवा लाख रुपये है।
इसके अलावा चांदी का ताजमहल, गोल्ड कोटेड बाउल सेट, चांदी का थारा, टीसेट, थाली की भी जबरदस्त डिमांड है।
गोविंद नगर स्थित आर लाला जुगुल किशोर एंड संस के निदेशक रुचिर रस्तोगी ने बताया कि दिवाली पर चांदी के बने उत्पादों (चांदी का सिक्का, पायल) आदि की मांग सबसे ज्यादा होती है।
लेकिन इस बार चांदी के भाव में कमी के चलते कारोबारियों ने कई उत्पाद बाजार में उतारे हैं। उप्र सर्राफा एसोसिएशन के मंत्री राम किशोर ने बताया कि भाव में कमी के चलते ग्राहक भारी आइटमों की मांग कर रहे हैं।