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पूर्व सांसद धनंजय को भगोड़ा घोषित करने की तैयारी, करीबी विपुल सिंह समेत चार अन्य पर भी कसेगा शिकंजा

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लखनऊ। मऊ के मुहम्मदाबाद गोहना के पूर्व उप ज्येष्ठ प्रमुख अजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने वाले जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली धनंजय सिंह की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। इस मामले में वह फरार है और पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। अब उसको भगोड़ा घोषित कराने की तैयारी भी है। इसके लिए सोमवार को कोर्ट में अर्जी डाली जाएगी। उसके अलावा करीबी विपुल सिंह सहित फरार चल रहे चार अन्य रवि यादव, प्रदीप सिंह, कबूतरा, कुणाल के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कुणाल राजस्थान के लॉरेंस विश्नोई गिरोह का सदस्य है। पुलिस के मुताबिक कुणाल शॉर्प शूटर है जिसकी तलाश में एक टीम जल्द राजस्थान रवाना होगी। वहीं बागपत जेल में बंद माफिया सुनील राठी को वारंट बी पर लखनऊ लाने की तैयारी शुरू कर दी गई। इसके लिए सोमवार को विधिक कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
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विभूतिखंड थानाक्षेत्र के कठौता चौराहे पर 6 जनवरी की देर शाम ताबड़तोड़ फायरिंग कर अजीत सिंह की हत्या कर दी गई। आरोपियों के बयान के आधार पर जौनपुर के पूर्व सांसद व बाहुबली नेता धनंजय सिंह को हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया। धनंजय सिंह ने ही शूटरों को रहने का ठिकाना दिलाया था। वहीं गैंगवार में घायल शूटर राजेश तोमर के इलाज का पूरा इंतजाम कराया था। पुलिस ने सांसद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया। इसके बाद उन्होंने 5 मार्च को प्रयागराज की कोर्ट में पुराने मामले की जमानत तुड़वाकर आत्मसमर्पण कर दिया। जेल में करीब 25 दिन बाद ही उनको इसी मामले में कोर्ट ने जमानत दे दी।
वारंट जारी लेकिन फिर भी पकड़ से रहा दूर
एक तरफ पुलिस ने उसकेखिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया था लेकिन पकड़ नहीं सकी। पुलिस की लापरवाही ऐसी थी कि कोई भी सवाल खड़ा कर सकता था। करीब 25 दिनों तक अजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने के आरोपी पूर्व सांसद धनंजय सिंह जेल में बंद था। इस दौरान लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने यह भी प्रयास नहीं किया कि वारंट बी के जरिए उसको लखनऊ जेल लाकर पूछताछ की जा सके। पुलिस की यह कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। दबिश भी देखकर साफ लग रहा था कि सिर्फ औपचारिकता पूरी हो रही है।
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मुस्तफा व तोमर के बयान के आधार पर नामजद हुआ राठी
प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह के मुताबिक इस वारदात को अंजाम देने के लिए पूर्वांचल व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई गिरोह लगे थे। इसमें आजमगढ़ के कुंटू सिंह, अखंड सिंह का नाम प्रमुख है। पूर्व सांसद धनंजय सिंह का करीबी पश्चिमी यूपी का माफिया सुनील राठी जो इस समय बागपत जेल में बंद है पर मुन्ना बजरंगी के हत्या का आरोप भी है। उसने इस हत्याकांड के लिए अपने दो शूटर दिये थे। इसमें मुस्तफा उर्फ बंटी और राजेश तोमर उर्फ जय शामिल हैं। दोनों शूटर पुलिस की गिरफ्त में हैं। मुस्तफा ने पुलिस के सामने कुबूल किया था उसे और राजेश तोमर को सुनील राठी ने ही भेजा था।
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