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फैजुल्लागंज में बुखार से दो की मौत, 100 से ज्यादा बीमार

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फैजुल्लागंज में रविवार को तेज बुखार से महिला सहित दो लोगों की मौत हो गई। वहीं इलाके के 100 से अधिक लोग बीमार हैं। ज्यादातर मरीजों में कोरोना के लक्षण हैं, लेकिन जांच न कराए जाने से ये बुखार समझ कर इलाज करवा रहे हैं। इलाके में कोरोना को लेकर दहशत का माहौल है।
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फैजुल्लागंज के केशव नगर निवासी शलभ शुक्ला (50) को तीन दिन पहले तेज बुखार आया था। मरीज में कोरोना के सभी लक्षण मिल रहे थे, लेकिन जांच कराने के बजाय नजदीकी केंद्र से दवा ले ली। रविवार सुबह अचानक हालत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। उधर, कृष्णलोक कॉलोनी की माया गुप्ता (50) भी बुखार से ग्रस्त थीं और रविवार सुबह उनकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में कोरोना तेजी से शिकंजा कस रहा है। बीमार लोग जांच कराने के बजाय नजदीकी डॉक्टर से दवा लेकर खा रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक इलाके में 100 से अधिक लोग बुखार से ग्रस्त हैं। इसमें गोवर्धन लाल गुप्ता, रूबी जायसवाल, धीरेंद्र मिश्रा, काशीनाथ जोशी, बीपीएस तोमर, इशरत जहां, मनोज, कविता पाल, कमलेश गौतम, मालती मिश्रा व दर्जनों अन्य शामिल हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी ने बताया कि इलाके में कोरोना संक्रमण बेहद तेज है। इसके बाद भी सफाई व सैनिटाइजेशन के काम में लापरवाही की जा रही है। क्षेत्र में कई स्थानों पर सीवर लाइनें चोक हैं। जलजमाव से मच्छर जनित बीमारियां बढ़ रही हैं।
चार कोविड मरीज गंवा चुके जान
फैजुल्लागंज इलाके में अब तक 100 से अधिक कंटेनमेंट जोन हो चुके हैं। इसके बाद भी यहां जांच का दायरा सीमित है। कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग ठीक से न होने से कोरोना का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। लोगों का आरोप है कि पॉजिटिव आने वालों के परिवारीजनों की जांच भी जल्द नहीं हो पा रही है। उन्हें निजी सेंटर से जांच करवानी पड़ रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि एक मरीज मिलने पर 25 लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का नियम भी यहां लागू नहीं है, जबकि यहां कोविड के चलते चार लोग जान गंवा चुके हैं।
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