मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के एक्शन में आने के बाद पुलिस महकमे ने भी नए मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार काम करना शुरू कर दिया है। डीजीपी जावीद अहमद ने बुधवार को सभी आईजी, डीआईजी और पुलिस कप्तानों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में पेशेवर एवं संगठित रूप से अवैध खनन, लकड़ी कटान, पशु तस्करी, शराब तस्करी, अवैध बस संचालन आदि पर अंकुश लगाने के निर्देश जारी किए।
डीजीपी ने कहा है कि पेशेवर एवं संगठित अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। ध्यान रखें कि जाति, धर्म अथवा लिंग के आधार पर किसी के साथ कोई भेदभाव न हो।
जोनल पुलिस महानिरीक्षक अपने स्तर से इसकी समीक्षा प्रतिदिन करते हुए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजें। डीजीपी ने अधिकारियों को कहा है कि सभी सार्वजनिक स्थलों को असामाजिक तत्वों से मुक्त कराएं।विशेषकर महिलाओं, बालिकाओं के लिए इन्हें सुरक्षित किए जाने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
सिर्फ शोहदों पर कार्रवाई करेगा एंटी रोमियो स्क्वॉयड
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डीजीपी ने साफ किया है कि एंटी रोमियो स्क्वॉयड सिर्फ उन्हीं पर कार्रवाई करेगा जो लड़कियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़, छींटाकशी करते हैं।
ऐसे लोगों को चिह्नित करने के लिए महिला सिपाहियों को सादे ड्रेस में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। एंटी रोमियो स्क्वॉयड ऐसे जोड़ों या व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा जो सामाजिक परंपराओं के दायरे में रहते हुए पार्क, मॉल, कॉफी हाउस, सिनेमाघर जैसे स्थानों पर मिल-जुल रहे हों।
उन्होंने कहा कि मनचलों के बाल कटवा देने, मुंह पर कालिख पुतवाने, मुर्गा बना देने जैसी कार्रवाई न की जाए जिनका कोई कानूनी आधार नहीं है।
अगर कोई शोहदा बार-बार लड़कियों से छेड़छाड़ करता है तो उसे सामाजिक रूप से लज्जित करने पर विचार किया जा सकता है।
थानों पर आने वाली शिकायतों पर हो त्वरित कार्रवाई
डीजीपी जावीद अहमद
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डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि थाने पर आने वालों के साथ सही व्यवहार किया जाए। सभी थाना प्रभारियों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने थानों और अधीनस्थ पुलिस चौकियों पर सुनिश्चित करें कि किसी के साथ भेदभाव न हो और लोगों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
थानों पर दलालों के आने और उन्हें शरण देने को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसकी सीधी जिम्मेदारी थाना प्रभारी और सीओ की होगी।
अनुशासन में रहें पुलिसकर्मी, फिटनेस पर दें ध्यान
डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों और पीएसी के कमांडेंट को भेजे निर्देश में कहा है कि प्राय: देखा जा रहा है कि ड्यूटी पर कार्यरत पुलिसकर्मी अनुशासन का पालन नहीं करते। उनकी वर्दी तक साफ.-सुथरी नहीं होती। वे न टोपी पहनते हैं न उनके जूते तय मानक के अनुसार होते हैं।
ड्यूटी पर कार्यरत पुलिस वाले चौराहों पर मोबाइल फोन पर बात करते रहते हैं। जिम्मेदार अफसर पुलिस कर्मियों और पीएसी कर्मचारियों को निर्देश दें कि वह ड्यूटी के दौरान अपनी जिम्मेदारियों का सही निर्वहन करें। ऐसे पुलिसकर्मी जो शारीरिक रूप से अनफिट हैं, मोटे हैं, उन्हें परेड और पीटी के जरिए फिट बनाया जाए।