नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई हिंसा में पीएफआई (पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के साथ ही रिहाई मंच की भी सक्रिय भूमिका रही। डीजीपी ओपी सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पीएफआई व रिहाई मंच के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई के लिए गृह विभाग को पत्र भेजा गया था। गृह विभाग ने इसे केंद्र सरकार को भेज दिया है।
नोएडा के एसएसपी व अन्य आईपीएस अफसरों के विवाद के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखने के लिए बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में पीएफआई को लेकर सवाल पर डीजीपी ने कहा कि विरोध करने वालों को लामबंद (मोबिलाइज) करने में संस्था ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास इसके पर्याप्त प्रमाण हैं। पुलिस ने हिंसा के मामले में पीएफआई से जुड़े 25 लोगों को गिरफ्तार किया।