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पेट निकल आया है, ट्रांसफर कर दूं? छंट जाएगा

Mon, 06 Jul 2015 06:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कानपुर
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‘कोई सत्ता या शासन नहीं चाहता कि गुंडागर्दी हो। किसी अफसर पर राजनीतिक दबाव नहीं है। जो ऐसा कहता है वह काम न करने का बहाना बनाता है। अपने मातहतों से काम न ले पाने वाले अफसर निकम्मे और नालायक हैं। ऐसे लोग ज्यादा दिन कुर्सी पर नहीं रह पाएंगे। सिर्फ सिपाही को सस्पेंड कर हाथ झाड़ने वाले अफसर नहीं चल पाएंगे। हर जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई हो। फिर चाहे वो थानेदार हों या आईजी,तभी अपराध रुकेगा।’
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पद संभालने के बाद रविवार को पहली बार शहर आए प्रदेश के डीजीपी जगमोहन यादव के यह तेवर देख अफसर पसीने-पसीने हो गए। डीजीपी ने आधुनिक पुलिस कंट्रोल रूम के प्रभारी एएसपी अनिल कुमार को फटकार लगाते हुए कहा कि तुम्हारा पेट कुछ ज्यादा ही निकल रहा है। ऐसी जगह भेजूंगा कि पेट छंट जाएगा।

डीजीपी ने सुबह अत्याधुनिक कंट्रोल रूम देखा,इसके बाद आईजी दफ्तर में रेंज के अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद मीडिया से मुखातिब हुए।

डीजीपी ने पुलिस अफसरों को दी चेतावनी

डीजीपी ने कहा कि अब छुटभैये लोगों पर कार्रवाई से काम नहीं चलने वाला। वह चाहे गोलबंद होकर अपराध करने वालों के मामले में हो या फिर लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई। प्रदेश में गोलबंद होकर अपराध करने की प्रवृत्ति बढ़ी है। छोटी-छोटी घटना को कुछ लोग ‘कम्यूनल’ बना रहे हैं।

ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई होगी। गोलबंद होकर अपराध करने वाले अगुवाकारों पर रासुका लगाएं। हर अफसर की जिम्मेदारी तय करें। डीजीपी ने आईजी,डीआईजी और एसएसपी दफ्तर में फरियादी बढ़ने के सवाल पर कहा कि अपने मातहतों से काम न ले पाने वाले अफसरों को वह निकम्मा और नालायक मानते हैं।

ऐसे लोगों में पद की काबिलियत नहीं है। इन पदों पर बैठे अफसरों को खुद दौड़भाग कर हांफना नहीं है,उनकी ऐसी मेहनत किसी काम की नहीं। उन्हें तो मातहतों को राइट टाइम कर काम लेना है। अब वह इसे कैसे करते हैं,यह उस अफसर का सिरदर्द है।
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अब नहीं चलेंगे अफसरों की बहानेबाजी

पुलिस अफसरों पर राजनैतिक दबाव के सवाल पर डीजीपी बिफर गए। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। अफसर बहाने बनाते हैं पर अब ये नहीं चलेगा। डीजीपी ने कहा कि पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक ऐसे अपराध बढ़ जाते हैं। इससे निपटने के लिए रणनीति बन रही है।

अवैधानिक कार्य करने वालों पर लीगल कार्रवाई के लिए ही कानून बना है,इसी काम के लिए पद और पॉवर दी गई है। इसमें यह विभेद नहीं होना चाहिए कि यह वर्दी वाला है, यह नेता है,यह रईस है या यह आम आदमी है।

प्रदेश में खुफिया इकाइयों को समय से सूचना न मिलने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि उनकी इंटेलिजेंस फेल नहीं है। उन्हें अच्छी तरह पता है कि इंटेलिजेंस कैसा काम कर रही है। बैठक में आईजी आशुतोष पांडेय, डीआईजी नीलाब्जा चौधरी,एसएसपी शलभ माथुर एवं रेंज के आईपीएस मौजूद रहे।
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