लखनऊ। केजीएमयू में नर्सिंग भर्ती मामले की जांच से चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय ने इन्कार कर दिया है। महानिदेशक की ओर से इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है। जांच से इन्कार को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं हैं। क्योंकि इस मामले की जांच एसटीएफ भी कर रही है।
केजीएमयू में वर्ष 2023 में नर्सिंग भर्ती हुई थी। आरोप है कि इस भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। केजीएमयू प्रशासन ने परीक्षा का पैटर्न बदल दिया। भर्ती होने वाले ज्यादातर दूसरे राज्य के निवासी हैं। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद एसटीएफ ने जांच शुरू की। इसी बीच चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक को भी जांच कर सप्ताहभर में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। ऐसे में महानिदेशक नेहा शर्मा ने पांच अक्तूबर को अपर निदेशक नीलम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की।
कमेटी में राज्य सहबद्ध एवं स्वास्थ्य देख-रेख परिषद के अध्यक्ष डाॅ. कमल पंत और महानिदेशालय से संबद्ध किए गए प्रधानाचार्य डाॅ. ज्ञानेंद्र कुमार बतौर सदस्य शामिल थे। इस बीच 14 अक्तूबर को महानिदेशक नेहा शर्मा ने चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव को पत्र भेजा। इसमें कहा कि मामले की जांच एसटीएफ कर रही है। एसटीएफ कुलसचिव से दस्तावेज भी ले चुकी है। ऐसे में अलग से जांच की कार्यवाही उचित प्रतीत नहीं होती है।