रायबरेली। महाकुंभ के लिए श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। बोगियों के गेट न खुलने से आक्रोशित श्रद्धालुओं ने इंजन के आगे ट्रैक पर खड़े होकर हंगामा किया। इससे ट्रेन को देर तक रोकना पड़ा। भीड़ को काबू में रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रही, जिससे बवाल नहीं हो सका। महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को प्रयागराज की ओर भेजा जाता रहा।
जिले के बछरावां, रायबरेली, ऊंचाहार समेत अन्य स्टेशनों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जितनी भी ट्रेनें आईं, उनमें जगह कम रही। शनिवार को देर शाम लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली गंगा गोमती एक्सप्रेस में जगह बिलकुल नहीं थी, जिससे जिले के रेलवे स्टेशनों पर इंतजार कर रहे यात्रियों को ट्रेन में घुसने का मौका नहीं मिला। ट्रेन की बोगियों के गेट अंदर से बंद रहे। करीब 10 मिनट रुकने के बाद ट्रेन आगे चली गई।
श्रद्धालुओं की भीड़ स्टेशन पर डटी रही। रात लगभग 10:30 बजे आलमनगर-प्रयागराज महाकुंभ स्पेशल ट्रेन डेढ़ घंटे विलंब से पहुंची, जिसमें भी पहले से बोगियां फुल होने से दिक्कत आई। गेट न खुलने पर श्रद्धालुओं की भीड़ इंजन के आगे ट्रैक पर खड़ी हो गई, जिससे ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बोगियों के गेट खोलवा कर काफी यात्रियों को ट्रेन में बैठाया और ट्रैक खाली कराया। करीब आधे घंटे बाद ट्रेन रवाना हुई।
रात में भटिंडा-फाफामऊ स्पेशल ढाई घंटे और फाफामऊ-कटरा स्पेशल पौने दो घंटे देर से गुजरी। रविवार को तड़के आलमनगर-फाफामऊ महाकुंभ स्पेशल ट्रेन साढ़े पांच घंटे विलंब से आई। यह ट्रेन भी आधे घंटे रोकी गई, ताकि सभी यात्रियों को ट्रेन से रवाना किया जा सके। इससे भीड़ कम हुई। फिरोजपुर-फाफामऊ स्पेशल पौने तीन घंटे विलंब से गुजरी।
यात्रियों को बैठाने के लिए देर तक रोकी गईं ट्रेनें
आरपीएफ प्रभारी आलोक मौर्य ने बताया कि बोगियों के गेट न खुलने से यात्रियों में आक्रोश रहा, लेकिन हंगामा नहीं हुआ। स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि भीड़ अधिक होने के कारण ट्रेनों को देर तक इसलिए रोका गया, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को ट्रेन में बैठाया जा सके।