लखनऊ। शिया समुदाय के आठवें इमाम हजरत इमाम अली रजा की शहादत की पूर्व संध्या पर बुधवार को इमामबाड़ों, कर्बला और रौजों में मजलिस हुई। शहादत के गम में डूबे अकीदतमंदों ने नम आंखों से इमाम को पुरसा दिया। मजलिस के बाद इमाम के शबीह-ए-ताबूत की जियारत कराई गई।
दुबग्गा स्थित हौजए इल्मिया अबू तालिब में मजलिस में मौलाना नफीस अख्तर ने इमाम अली रजा की शिक्षाओं को प्रचारित करने को अहम जरूरत बताया। इदारा गुलदस्त-ए-कासिम की ओर से मेहंदीगंज स्थित कर्बला अजमत-उत-दौला बहादर में मजलिस को मौलाना अब्बास इरशाद ने खिताब किया। मजलिस के बाद ताबूत की जियारत कराई गई।
बज्मे मर्सियाख्वानी व दबिस्ताने मर्सियाख्वानी की ओर से हसन पुरिया स्थित अब्बासिया मस्जिद में मर्सिये की मजलिस में सैयद काजिम अब्बास रिजवी ने इमाम की शहादत को बयान किया। हुसैनी सोसाइटी की ओर से सरफराजगंज स्थित इमामबाड़ा फातिमा बेगम में मजलिस को मौलाना अफजल हैदर ने खिताब किया। तालकटरो रोड स्थित कर्बला अजीम उल्लाह खां में गरीबुल गुरबा का मातम शीर्षक से आयोजित मजलिस को मौलाना मोहम्मद शफीक आब्दी ने खिताब किया।