लखनऊ। शहर में कुल 110 वार्ड हैं और हर वार्ड में 1.10 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए पार्षद कोटे की बची 1.10 करोड़ रुपये की किस्त जारी करने का प्रस्ताव नगर निगम सदन ने मंगलवार को पास कर दिया। अब काम कराने के लिए दिसंबर तक टेंडर प्रकिया पूरी कर ली जाएगी और मार्च तक का काम पूरे कर लिए जाएंगे।
वार्डों में विकास कार्य के लिए हर पार्षद को 2.10 करोड़ रुपये का कोटा नगर निगम ने दिया है, जिसमें दो बार में एक करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है। इसके बाद प्रति वार्ड 1.10 करोड़ रुपये पार्षद कोटा बचा था। इसे भी पार्षदों की मांग पर मंगलवार को जारी करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया। कांग्रेस पार्षद दल की नेता ममता चौधरी ने कहा कि यदि कोटा जारी करने में देरी की जाएगी तो नगर निगम पर ही देनदारी बढ़ेगी। पिछले नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने यह व्यवस्था बनाई थी कि दिसंबर तक सभी टेंडर हो जाएं और मार्च तक काम पूरे हो जाएं। इसके बाद नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा कि उसी तरह इस बार भी किया जाएगा।
नहीं बढ़ा गड्ढों को भरने का बजट
बारिश में खराब हुईं सड़कों और उनके गड्ढों को भरने के लिए नगर निगम के पास पर्याप्त बजट नहीं है। 15वें वित्त मद से इस बार 10 करोड़ का बजट दिया जा रहा है, जबकि बीते साल 13 करोड़ दिया गया था। वहीं, जितनी संख्या में सड़कें खराब हैं, उसके लिए 40 से 50 करोड़ रुपये बजट की जरूरत होगी। इसको लेकर भाजपा पार्षद देव शर्मा मिश्रा मुन्ना, भृगुनाथ शुक्ला, ममता चौधरी, देवेंद्र सिंह जीतू आदि ने मांग उठाई। कहा कि 10 करोड़ में कुछ नहीं हो पाएगा। गड्ढे भरने के लिए लिए बजट बढ़ाया जाए।
जल्द बनाए जाएं आवारा कुत्तों के फीडिंग सेंटर
कांग्रेस पार्षद मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि आवारा कुत्तों के लिए शहर में जो फीडिंग सेंटर बनाए जाने हैं, वह अब तक बनाए नहीं गए हैं। ये काम जल्द किया जाए। कुत्तों की आबादी पर नियंत्रण के लिए और नसबंदी केंद्र खोलने की भी मांग की।
नगर निगम सदन की बैठक।
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नगर निगम सदन की बैठक।
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