चक गंजरिया (सीजी सिटी) परियोजना को लेकर लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बृहस्पतिवार को अनुमोदन कर दिया।
इस प्रोजेक्ट को एलडीए एक ग्रीन प्रोजेक्ट के तौर पर विकसित करेगा। करीब एक हजार एकड़ में बसने वाले इस हाइटेक लखनऊ के डेवलपमेंट को अब पंख लगेंगे।
मुख्य सचिव ने बताया कि डीपीआर के अनुमोदन के साथ परियोजना के कार्य तेजी से किए जा सकेंगे। परियोजना को ग्रीन प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर सामाजिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त वातावरण बनाए जाने को भी कहा।
उन्होंने प्रोजेक्ट को विश्व स्तरीय परियोजना के रूप में विकसित करने के लिए परियोजना से संबंधित विभागों के ऑर्किटेक्ट का प्रभावी समन्वय कराने का निर्देश दिया।
प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने परियोजना के विकास के लिए एलडीए की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट पेश करते हुए अवगत कराया कि परियोजना में प्रस्तावित ग्रीन कनेक्टर सामाजिक गतिविधियों का बेहतरीन केंद्र होगा।
इस ग्रीन कनेक्टर पर ओवरब्रिज और अंडरपास भी बनाए जाएंगे, ताकि यातायात का इस पर कोई प्रभाव न पडे़। उन्होंने बताया कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पर्यावरण एवं प्रदूषण विभाग द्वारा अनापत्ति मिल चुकी है।
चक गंजरिया परियोजना के जरिये मेट्रो रेल परियोजना की वित्तीय मदद के लिए 367 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए एलडीए अपने हिस्से की भूमि नीलाम कर लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन को धन उपलब्ध कराएगा।
सीजी सिटी परियोजना को लेकर बृहस्पतिवार को हुई मीटिंग में मुख्य सचिव की ओर से यह निर्देश अधिकारियों को जारी कर दिया गया। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अक्टूबर तक हर हाल में अपनी परिसंपत्तियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर लें।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों आईआईआईटी और आईटी सिटी का शिलान्यास जुलाई तक मुख्यमंत्री से करवाने की तैयारी का निर्देश दिया है। 25 फरवरी को सीएम ने सीजी सिटी की तमाम परियोजनाओं का पहले भी शिलान्यास किया था।
तब आचार संहिता सिर पर थी। मगर पर्यावरण विभाग की एनओसी न मिलने से काम शुरू नहीं किया जा सका था। मई में प्रोजेक्ट को पर्यावरण एनओसी मिल सकी। अब एक बार फिर से शिलान्यास कराने की तैयार की जा रही है।