लखनऊ। राजधानी में पर्यटन को नई उड़ान देने की तैयारी शुरू हो गई है। अब रोशन-उद-दौला भवन और छतर मंजिल सिर्फ दर्शनीय स्थल नहीं रहेंगे, बल्कि यहां आने वाले पर्यटक अवध की संस्कृति, विरासत और जीवनशैली का अनुभव भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन दोनों प्रोजेक्ट्स को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत ''''एडेप्टिव रियूज'''' मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी भी मिल गई है। खास बात ये है कि इसमें धरोहरों की ऐतिहासिक पहचान और मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि ये स्थल पर्यटन के नए आकर्षण केंद्र बन सकें।
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छतर मंजिल में बनेगा हेरिटेज होटल
छतर मंजिल को 100 कमरों का एक भव्य हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां ठहरने के साथ-साथ पर्यटकों को लखनऊ की कला, संस्कृति और खानपान का अनुभव भी मिलेगा। प्रोजेक्ट के तहत ऑल-डे डाइनिंग रेस्तरां, स्थानीय शिल्प और डिजाइनर उत्पादों की रिटेल आर्केड तथा इमर्सिव डाइनिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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रोशन-उद-दौला में मिलेगा खास अनुभव..
रोशन-उद-दौला भवन को बुटीक लग्जरी प्रॉपर्टी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 26 कमरों का लग्जरी होटल, छोटे और विशेष आयोजनों जैसे प्री-वेडिंग फंक्शन, पारिवारिक कार्यक्रम और कॉर्पोरेट मीटिंग के लिए सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही स्पा और पारंपरिक वेलनेस सेवाएं भी दी जाएंगी। खानपान में प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को प्रमुखता दी जाएगी, जिससे लखनऊ की ‘गैस्ट्रोनॉमी सिटी’ की पहचान और मजबूत हो सके।
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पर्यटन से जुड़ेगा हरौनी गांव
पर्यटन विकास की इस पहल को अब स्थानीय आजीविका से भी जोड़ा जा रहा है। हरौनी गांव की महिलाओं को हस्तकला, साड़ी और कंबल जैसे पारंपरिक उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का मौका मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय कला और कारीगरों को भी पहचान मिलेगी।