विकास प्राधिकरण अब नई दर से नक्शा पास करेंगे। इसके लिए जल्द ही उन्हें प्राधिकरण बोर्ड से शासन की नई नियमावली की मंजूरी लेनी होगी।
प्रमुख सचिव आवास सदाकांत ने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को इस संबंध में निर्देश दे दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि अब नई नियमावली के आधार पर ही विकास शुल्क की वसूली की जाएगी।
मनमानी दर से कहीं भी विकास शुल्क नहीं लिया जाएगा। प्रदेश में मौजूदा समय 27 विकास प्राधिकरण हैं। इनके गठन के बाद से ही विकास शुल्क वसूली संबंधी कोई प्रक्रिया निर्धारित नहीं की गई थी।
विकास प्राधिकरण अपने यहां बोर्ड से प्रस्ताव पास कर शासन से मंजूरी लेने के बाद अपने हिसाब से विकास शुल्क वसूलते थे। इसके चलते सभी विकास प्राधिकरणों में अलग-अलग शुल्क लिए जाते थे।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने विकास शुल्क वसूली के लिए नियमावली बनाने का निर्देश दिया। इसके आधार पर विकास शुल्क की नई दरों का निर्धारण किया गया है। अब नई दरों से ही नक्शे पास किए जाएंगे।