लखनऊ। लविवि में कॉमर्स में परास्नातक प्रिया टंडन ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान किए जाने वाले गोल्ड मेडल की सूची को चुनौती दी है। यह मेडल 15 अक्तूबर को प्रदान किए जाने वाले हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में विश्वविद्यालय के सक्षम प्राधिकारियों को पदक दिए जाने संबंधी सभी दस्तावेजों के साथ तलब किया है।
न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 अक्तूबर को नियत की है। दायर याचिका में याची की तरफ से दलील दी गई कि यह गोल्ड मेडल सर्वाधिक अंक पाने वाले को प्रदान किए जाते हैं। याचिका में कहा गया कि याची ने कॉमर्स में स्नातक व परा स्नातक दोनों में सर्वाधिक 75.50 फीसदी अंक हासिल किए। याचिका में कहा गया कि याची को सिर्फ एक पदक (डॉ. ओपी सिंह गोल्ड मेडल) दिए जाने के लिए चयनित किया गया है जबकि पदक दिए जाने की जो सूची तैयार की गई है, उसमें चार अन्य स्वर्ण पदक याची से कम कुल 75.13 फीसदी अंक पाने वाले को दिया जाना तय किया गया है।
याचिका में पिछले वर्षों में दिए गए स्वर्ण पदकों की सूची संलग्न की गई थी जिनमें सर्वाधिक अंक वाले को पदक के लिए चयनित किया गया। याची ने इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति, उप कुलपति व अन्य सक्षम प्राधिकारियों को साक्ष्य दिया पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। हाईकोर्ट ने हालांकि इस मामले में कोई अंतरिम राहत नहीं दी है पर विश्वविद्यालय केसक्षम प्राधिकारियों को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश देते हुए कहा कि पदक दिए जाने को लेकर चयन से संबंधित सभी दस्तावेज अदालत केसमक्ष पेश किए जाएं।