केजीएमयू में मजार के पास अतिक्रमण।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) प्रशासन सुरक्षा पर हर महीने लाखों रुपये खर्च करता है। इसके बावजूद परिसर में अतिक्रमण हो रहा है। नेत्र रोग विभाग के पीछे मजार के आसपास की भूमि पर बैरिकेडिंग लगाकर कब्जा कर लिया गया। इसके बाद केजीएमयू प्रशासन ने चौक कोतवाली को पत्र भेजकर अवैध बैरिकेडिंग हटाने की गुहार लगाई है।
केजीएमयू परिसर में सुरक्षाकर्मियों की बड़ी फौज तैनात है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। इनका उद्देश्य किसी भी अवैध गतिविधि पर नजर रखना है, लेकिन इन सभी इंतजामों के बावजूद अतिक्रमणकारी खुलेआम जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। सुरक्षाकर्मी लाचार, परेशान मरीज और उनके तीमारदारों पर रौब झाड़ने तक ही सीमित रह गए हैं। परिसर में खुलेआम हो रही अन्य घटनाएं न यहां के जिम्मेदारों और न ही यहां के सुरक्षाकर्मियों को ही नजर आती हैं।
40 लाख के इंफ्यूजन पंप और चंदन के पेड़ मामले में उजागर हो चुकी है नाकामी
केजीएमयू की सुरक्षा व्यवस्था की बदहाल स्थिति की पोल पहले ही खुल चुकी है। वर्ष 2024 में यहां कुलपति आवास से कई साल पुराने चंदन का पेड़ काटकर चोरी कर लिया गया था। इसके साथ ही कार्डियोलॉजी विभाग में करीब 40 लाख रुपये की कीमत वाले इंफ्यूजन पंप चोरी हो गए थे। इस मामले में अभी तक किसी की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी है। अब दिनदहाड़े अतिक्रमण का नया मामला सामने आया है।
केजीएमयू में मजार के पास अतिक्रमण।