लखनऊ। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने बृहस्पतिवार को ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर आत्महत्या की कोशिश करने वाली छात्रा का हाल जाना। उन्होंने केजीएमयू प्रशासन को सभी विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति जानने और समय-समय पर काउंसलिंग करने के निर्देश दिए।
डिप्टी सीएम दोपहर में ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। यहां एमडी छात्रा से बात की और जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इसी बीच केजीएमयू कुलपति भी पहुंच गईं। उपमुख्यमंत्री ने कुलपति से विवि के सभी विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति का ध्यान रखने के लिए कहा और काउंसलिंग के भी निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने छात्रा के परिजनों से भी बात की। अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर मरीजों और तीमारदारों से इलाज के बारे में जानकारी ली।
उपमुख्यमंत्री ने पूछा, कितने घंटे ड्यूटी करते हैं रेजिडेंट
निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री ने रेजिडेंट डॉक्टरों की मांगों से संबंधित सवाल किया। उन्होंने पूछा कि रेजिडेंट की कितनी मांगें पूरी हुई हैं। असल में कोलकाता में डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या के बाद हुई हड़ताल के समय रेजिडेंट की कई मांगें पूरी करने पर सहमति बनी थीं। केजीएमयू प्रशासन ने इनमें से 80 फीसदी मांगें पूरी होने का दावा किया था। इस दौरान उन्होंने रेजिडेंट के ड्यूटी घंटों को लेकर भी सवाल पूछा।
आज होगी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ बैठक
उपमुख्यमंत्री के निर्देश के बाद केजीएमयू प्रशासन ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ शुक्रवार को बैठक बुलाई है। इसमें रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ ही केजीएमयू के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
वेंटिलेटर से हटाई गई छात्रा
ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस प्रो. प्रेमराज ने बताया कि छात्रा की हालत बेहतर है और उसे वेंटिलेटर हटा लिया गया है।
यह था मामला
केजीएमयू में एमडी मेडिसिन प्रथम वर्ष की छात्रा ने 14 जनवरी को छात्रावास की चौथी मंजिल से छलांग लगाई थी। सुसाइड नोट में छात्रा ने अच्छी डॉक्टर न बन पाने की बात लिखी थी। इसके बाद रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने रेजिडेंट डॉक्टरों पर काम के दबाव व लगातार ड्यूटी करने का मुद्दा उठाया है।