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तीन भाई डेंगू की चपेट में, एक की मौत, दो की हालत गंभीर, ट्रॉमा सेंटर में चल रहा इलाज

Thu, 03 Oct 2019 03:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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 डेंगू की चपेट में आने से तीन भाइयों में एक की बुधवार को मौत हो गई, जबकि अन्य दोनों भाइयों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यूपी में इससे पहले दो मरीजों की मौत हो चुकी है। सीतापुर जिले के चौसा गांव के मजरा गोड़ियनपुरवा निवासी शाबान का बेटा वसीम (20) लखनऊ में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रहा था।
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वह पिछले सप्ताह गांव गया था। जहां उसे बुखार आने लगा। वह सीतापुर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहा था। इस दौरान उसके दो अन्य भाई कासिम (16) और महताब (13) भी बीमार हो गए। जांच में तीनों को डेंगू होने की पुष्टि हुई। इसकेबाद उन्हें केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर लाया गया।

जहां इलाज के दौरान बुधवार तड़केकरीब तीन बजे वसीम की मौत हो गई। अन्य दोनों भाइयों का इलाज चल रहा है। मीडिया प्रभारी डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि वसीम की मौत के बाद परिवारीजन शव लेकर चले गए हैं। अन्य दोनों भाइयों का इलाज चल रहा है।
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लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या

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राजधानी में डेंगू का डंक तेज हो गया है। यहां मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जुलाई से अब तक करीब 207 मरीज मिल चुके हैं। हालांकि अभी तक डेंगू से राजधानी निवासी किसी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है।
डेंगू के लिए सितंबर काफी मुफीद माना जाता है।

इस माह में सर्वाधिक मरीज मिलते हैं, लेकिन इस बार मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। हालांकि मौत का आंकड़ा दो ही है। इसके पीछे बड़ी वजह है लोगों की जागरूकता। चिकित्सकों का क हना है कि डेंगू के लक्षण मिलते ही लोग जांच और इलाज शुरू कर दे रहें हैं। इससे जान बच जा रही है।

प्रदेशभर में मिले हैं 1104 मरीज
प्रदेशभर की स्थिति देखें तो पिछले साल 24 सितंबर तक पूरे प्रदेश में डेंगू के 676 मरीज मिले थे। इस साल 1104 मरीज मिले हैँ। पिछले साल दो मरीजों की मौत हुई थी। इस साल यह आंकड़ा तीन तक पहुंच गया है।
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चिकित्सक की सलाह

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जनवरी से अब तक मिले मरीज
प्रमुख संस्थान            सैंपल की जांच    मरीज मिले
एसजीपीजीआई               209               17
केजीएमयू                      3108            425
लोहिया संस्थान                 855              31
सरकारी अस्पताल               80              31

डॉ. डी हिमांशु ने बताया कि तेज बुखार बना रहे, जोड़ों, मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता रहे, घबराहट, उल्टी या शरीर पर चकत्ते बने तो तत्काल चिकित्सक को दिखाना चाहिए। कई बार रैशेस बनने पर उसमें खुजली भी होने लगती है। आंख के पिछले हिस्से में भी दर्द होता है। उन्होंने बताया कि डेंगू की जांच होने के बाद तत्काल इलाज शुरू हो जाने से मरीज को राहत मिलती है और यह जानलेवा नहीं होने पाता है।
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