लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई में माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. रुंगमयी एसके मराक के मुताबिक, आने वाले दिनों में डेंगू-चिकनगुनिया की जांच में तेजी आएगी। इससे समय रहते मच्छरजनित बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा। वह विभाग की ओर से प्रदेश भर के लैब टेक्नीशियन और वैज्ञानिकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रो. रुंगमयी एसके मराक ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजी विभाग की वायरल रिसर्च एंड डायग्नोस्टिक लैब (वीआरडीएल) में डेंगू डिवीजन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 20 दिवसीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें प्रदेशभर से आए 200 से अधिक लैब टेक्नीशियन और गैर-चिकित्सक वैज्ञानिक भाग ले रहे हैं। वीआरडीएल प्रभारी डॉ. अतुल गर्ग ने बताया कि प्रशिक्षण में डेंगू और चिकनगुनिया की जांच के लिए के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। डेंगू डिवीजन के संयुक्त निदेशक डॉ. वीके सिंघल ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रदेश में जांच प्रोटोकॉल में एकरूपता लाना है।