बख्शी का तालाब। मामपुर बाना गांव में पिछले तीन माह से बिजली को लेकर समस्या है। इससे लगभग पांच हजार आबादी प्रभावित है। समस्या का निराकरण न किए जाने के विरोध में शनिवार सुबह मामपुर बाना उपकेंद्र का घेराव कर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा जब से नए एसडीओ आए हैं, बिजली 15 मिनट आती है और एक घंटे के लिए कट जाती है। शुक्रवार की शाम आंधी-बारिश के बाद बिजली न होने के कारण रात दो बजे तक लोगों को जागना पड़ा। भाजपा के पदाधिकारियों ने विधायक योगेश शुक्ला को उपकेंद्र पर धरना-प्रदर्शन की जानकारी दी। इसके पौन घंटे बाद अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने सरकार और बिजली निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या के स्थाई समाधान के लिए ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी।
दस घंटे अंधेरे में डूबे रहे 13 गांव
मलिहाबाद। शुक्रवार शाम आंधी-बारिश के दौरान रहीमाबाद इलाके के कई दर्जन गांवों की बिजली शाम पांच बजे गुल हो गई, जो देर रात लगभग 10 घंटे के बाद 3 बजे आई। इस दौरान रहीमाबाद, दौलतपुर, तिरगवां, शेरनगर, साहिजना, गोपालपुर, लालूहार, जिन्दौर शेरनगर, गढ़ी, गदिया खेड़ा, लालता खेड़ा, नत्थू खेड़ा, मुसीबतगंज गांव अंधेरे में डूबे रहे।
लो वोल्टेज से परेशान रहे लोग
ग्रामीण क्षेत्र में शनिवार को लोग लो वोल्टेज की शिकायत दर्ज कराते रहे। शनिवार शाम को गेहरू उपकेंद्र की 33 केवी लाइन ठप होने से बिजली संकट उत्पन्न हुआ। इसी प्रकार विकासनगर, गोमतीनगर, गोमतीनगर विस्तार, जानकीपुरम आदि में भी छिटपुट बिजली संकट की समस्या आई।