मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने बैंकों को बचाने के लिए नोटबंदी का फैसला किया। धन्नासेठों ने बैंकों से बड़ी राशि कर्ज के रूप में ली थी, जो डूब गई है।
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उन्होंने कहा कि पूरे देश में करेंसी की किल्लत से हाहाकार मचा है, मगर केंद्र सरकार इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने केंद्र से बैंकों को शाखावार भेजी गई राशि का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की।
मुख्यमंत्री बुधवार को ‘स्वयं’ फाउंडेशन की ओर से इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कैशलेस इकोनॉमी की बात कर रही है, मगर उसके लिए इंतजाम नहीं किए। नोटबंदी से बड़े लोग नहीं, आम लोग परेशान हैं।
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प्रदेश सरकार गरीबों को मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये दे रही है, पर केंद्र सरकार अब भी महज 1.40 लाख रुपये ही देती है। वे महंगाई का आकलन ही नहीं कर पा रहे हैं।
बथुआ को बता रहे कि घास की रोटियां खा रहे हैं लोग
सीएम ने कहा कि कई बार मीडिया कम जानकारी की वजह से गलत खबरें भी चला देता है, जैसे पिछले दिनों महोबा में घास की रोटी खाने के बाबत न्यूज चली थी। बथुआ सरीखी चीजों का लोग लंबे समय से खाने में इस्तेमाल कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. एसबी मिश्र और नीलेश मिश्र ने भी विचार रखे।
परेशानी पता चली तो दिलवाई मदद
सीएम ने कहा कि एक बार चंदौली में हमारे काफिले के पीछे-पीछे एक व्यक्ति गले में पट्टा डालकर दौड़ रहा था। उस पर लिखा था-मैं जिंदा हूं। वह काम के लिए मुंबई गया तो गांव के उसके साथ वालों ने ही उसे मृत दिखाकर जमीन अपने नाम करवा ली। हमने अधिकारियों से कहकर उसे इंसाफ दिलवाया।
इसी तरह बांदा में एक गरीब दलित के घर कांग्रेस के बड़े नेता (राहुल गांधी) गए थे, पर उसकी कोई मदद नहीं हुई। बाद में उसके नजदीकी गांव में तत्कालीन मुख्य सचिव गए, पर वे भी ध्यान नहीं दे सके। मीडिया से जानकारी मिलने पर हमने उसे दो लाख रुपये नकद और लोहिया आवास दिलाया।
उत्कृष्ट काम करने वाली हस्तियां सम्मानित
सीएम ने विकलांगजन के लिए काम करने वाले रायबरेली के अभय श्रीवास्तव, लॉस एंजिलिस से आकर लखनऊ की झुग्गियों में बच्चों को शिक्षित करने वाले जॉन और रोजी, छात्र-छात्राओं के कौशल विकास के लिए अलीगढ़ के ज्ञानेश शर्मा, बच्चों को शिक्षित करने वाले फर्रुखाबाद के साइकिल गुरु आदित्य कुमार, महोबा में रोटी बैंक की शुरुआत करने वाले तारा पाटकर, महिलाओं के लिए काम कर रहीं रायबरेली की आरती सिंह, बालिकाओं की शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय वृंदावन के रूपा रघुनंदन, बुंदेलखंड में खेती के बेहतर तरीकेअपनाने के लिए प्रेम सिंह, महिलाओं में साफ-सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करने वाली वाराणसी की गीता, बहराइच के जंगलों में वन निवासियों को सुविधाएं दिलाने वाले डॉ. जितेंद्र चतुर्वेदी को ‘स्वयं अवार्ड-2016’ से सम्मानित किया।
इस अवसर पर महिला और बाल कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव रेणुका कुमार और स्वयं फाउंडेशन की डायरेक्टर यामिनी त्रिपाठी के बीच महिला सशक्तीकरण और लैंगिक समानता जैसे विषयों पर मिलकर काम करने के लिए एमओयू का आदान-प्रदान भी किया गया।
सीएम जब मंच पर पहुंचे, तभी बालकनी में बैठे एक युवक ने जोर-जोर से बोलना शुरू कर दिया। वह सीएम से मिलने की मांग कर रहा था।
फर्रुखाबाद के मनीष यादव ने बताया कि उसके मकान को उसका पड़ोसी बेच रहा है, क्योंकि काफी साल पहले यह जमीन उसके पिता ने मेरे पिता को दी थी। सीएम ने मामले में उचित कार्रवाई के निर्देश दिए।