केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि करेंसी की कमी की वजह से मौत के मामलों को ज्यादा तूल नहीं दिया जाना चाहिए। नोटबंदी का फैसला कालेधन और फर्जी करेंसी के खिलाफ खुली जंग का एलान है। लाइनों में खड़े होकर कष्ट सहने के बावजूद लोग देशहित में लिए गए इस फैसले की सर्वत्र सराहना कर रहे हैं।
गोमतीनगर स्टेशन पर मीडियाकर्मियों के सवालों के जवाब में राजनाथ ने कहा कि नोटबंदी से आतंकवादियों, नक्सलवादियों और उग्रवादियों की कमर टूट गई है। कुछ दिनों में उनकी फंडिंग के सारे स्रोत सूख जाएंगे।
नोटबंदी ऐतिहासिक, साहसिक और गरीबों के हित में किया गया फैसला है। इससे अमीर-गरीब के बीच बढ़ती खाई कम होगी। नोटबंदी से लोगों को हो रही परेशानियों पर उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने देश की जनता से अपील करके 50 दिन का समय मांगा है।
शिकवा-शिकायत करने 50 दिन की मोहलत दें
शिकवा-शिकायत करने वालों को 50 दिन की मोहलत देनी चाहिए। नोटों को एकत्र करने वाले, जाली नोट बनाने वाले अब पकड़े जा रहे हैं।
लाइनों में खड़े लोग देशहित के लिए कष्ट उठाने को तैयार हैं। 70 से ज्यादा लोगों की मौत पर उन्होंने कहा, ऐसे मामलों को अनावश्यक तूल नहीं देना चाहिए। धीरे-धीरे धन का फ्लो बढ़ रहा है। उन्होंने माना कि लोगों को कुछ परेशानियां हैं, लेकिन 50 दिन में सब ठीक हो जाएगा।
सेना पर भरोसा रखिए, देखते जाइए
भारत-पाक सीमा पर सैनिकों की मौत और आतंकी हमलों की घटनाएं बढ़ने पर राजनाथ ने कहा, भारतीय सेना पर भरोसा रखिए। देखते जाइए क्या होता है? आतंकवाद आज की समस्या नहीं है। इसकी शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोपों को नकार दिया। कहा, हम किसी को डराते नहीं हैं।