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दिल्ली ब्लास्ट: डॉक्टरी की नौकरी छोड़ भागी थी डॉ. शाहीन, नेत्र सर्जन पति से ले लिया था तलाक; जानिए कहानी

Wed, 12 Nov 2025 07:42 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Delhi Blast: फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रवक्ता के पद पर रही। फिर अचानक गायब हो गई। 
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डॉ. शाहीन - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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फरीदाबाद से पकड़ी गई डॉ. शाहीन सईद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में सात साल तक प्रवक्ता के पद पर रही। वर्ष 2013 में बिना सूचना दिए नौकरी से गायब हो गई। उसे नोटिस भेजे जाते रहे लेकिन जवाब नहीं दिया। वर्ष 2021 में शासन ने शाहीन को बर्खास्त कर दिया।

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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से मिली जानकारी के मुताबिक, डॉ. शाहीन ने प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज से जनवरी 2003 में एमबीबीएस और दिसंबर 2005 में एमडी किया। इसके बाद लोक सेवा चयन आयोग से उसका चयन हुआ। अगस्त वर्ष 2006 में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रवक्ता के पद पर ज्वाइन किया। वर्ष 2009-10 में कन्नौज मेडिकल कॉलेज तबादला हो गया लेकिन छह महीने के बाद वापस जीएसवीएम आ गई।

वर्ष 2013 में वह बिना सूचना के नौकरी छोड़कर चली गई। कॉलेज की ओर से बार-बार भेजे गए नोटिसों का उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई। शासन ने वर्ष 2021 में उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद शाहीन ने प्रार्थनापत्र देकर कॉलेज से अनुभव प्रमाणपत्र मांगा। प्रार्थना पत्र में उसने अपना पता डॉ. परवेज सईद, असिस्टेंट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग, ओपीडी कॉम्प्लेक्स इंटीग्रल यूनिवर्सिटी, दसौली, कुर्सी रोड, लखनऊ दिया था। शाहीन ने इंटर की पढ़ाई लखनऊ के लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज से की। पति नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. हयात जफर पीएमएस के डॉक्टर हैं लेकिन वर्ष 2015 में तलाक लेकर दोनों अलग हो गए।
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मां को बीमार देख शाहीन ने लिया था डॉक्टर बनने का फैसला

डॉ. शाहीन की तस्वीर की पुष्टि पिता ने की है। - फोटो : amar ujala
शाहीन के पिता ने बताया कि उनकी बेटी शुरू से ही डॉक्टर बनना चाहती थी। उसने यह फैसला मां की बीमारी के बाद लिया था। मां की बीमारी के दौरान डॉक्टरों को उनकी सेवा करते देख वह काफी प्रभावित हुई थी। मोहल्लेवालों का कहना है कि शाहीन काफी सरल स्वभाव की थी।

स्थानीय लोगों में चर्चा है कि शाहीन पढ़ाई में तेज थी। वह लोगों की सेवा करना चाहती थी। पता नहीं वह कैसे संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गई। कुछ लोगों ने शाहीन का माइंडवॉश किए जाने की बात भी कही। स्थानीय लोगों को भरोसा नहीं हो रहा कि शाहीन के संपर्क आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों से है। परिजनों ने बताया कि शाहीन कुछ दिन दिल्ली में भी काम कर चुकी है। खुफिया एजेंसियां शाहीन के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में पता लगा रही हैं। अब तक शाहीन ने कहां-कहां काम की है, इसका ब्योरा जुटाया जा रहा है।
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शाहीन और परवेज का सहारनपुर कनेक्शन

परवेज का ठिकाना सहारनपुर में भी था। वह वहां क्लीनिक भी चलाता था। डॉ. शाहीन के भी सहारनपुर कनेक्शन सामने आए हैं। दरअसल, छह नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सहारनपुर के अंबाला रोड स्थित अस्पताल में तैनात डॉ. आदिल अहमद को गिरफ्तार किया था। आदिल के पकड़े जाने के बाद ही मुअज्जिम का नाम सामने आया। मुअज्जिम गिरफ्तार किया गया तो उसने डॉ. शाहीन के बारे में जानकारी दी। खुफिया एजेंसियां अब शाहीन और परवेज के आतंकी कनेक्शन के बारे में पता लगा रही हैं।

 
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