जांच एजेंसियां इस बारे में भी पता लगा रही हैं कि आखिर डॉ. परवेज ने सात नवंबर को ही अचानक इस्तीफा क्यों भेज दिया। इस्तीफा देने के लिए उसने प्रबंधन से बात भी नहीं की। अचानक ईमेल पर इस्तीफा भेजे जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। माना जा रहा है कि परवेज को उसके सफेदपोश मॉड्यूल के पकड़े जाने की भनक लग गई थी। यही वजह है कि उसने तुरंत त्यागपत्र दे दिया था और शाहीन के पकड़े जाने के बाद से फोन बंद करके भूमिगत हो गया था।
घर के बाहर पसरा रहा सन्नाटा
बृहस्पतिवार को भी लालबाग के खंदारी बाजार स्थित शाहीन के पिता सईंद अंसारी के घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा। सुरक्षा के लिहाज से कैसरबाग थाने की पुलिस वहां मुस्तैद रही। महिला पुलिस को भी तैनात किया गया था। शाहीन के पिता या भाई घर के बाहर नहीं निकले। पुलिस की मदद से जरूरी सामग्री परिवार को उपलब्ध कराई गई। सुरक्षा को देखते हुए अंजान लोगों को परिजनों से मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है। आईआईएम रोड के मुत्तकीपुर स्थित तकवा कॉलोनी में डॉ. परवेज के मकान पर भी लोगों की निगाह थी। माना जा रहा था कि एक बार फिर मकान में छानबीन के लिए खुफिया एजेंसियों की टीम पहुंच सकती है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद हासिर सिद्दीकी ने कहा कि दोपहर में एटीएस की टीम विश्वविद्यालय में आई थी। करीब एक घंटे तक यहां रुककर पूछताछ की। यहां पढ़ाई कर रहे कश्मीरी छात्रों व स्टॉफ का डाटा मांगा गया, जो एटीएस अधिकारियों को दे दिया गया है। इस दौरान टीम ने डॉ. परवेज से जुड़े कुछ सवाल भी किऐ, जिसके बारे में उन्हें बता दिया गया है। विश्वविद्यालय जांच में हर स्तर पर सहयोग कर रहा है।