लखनऊ। सब्जियों के दामों में वृद्धि हुई है। सब्जी दुकानदार जहां इसके पीछे सहालग को वजह बता रहे हैं, वहीं कृषि विशेषज्ञ इसके पीछे मौसम में बदलाव को बड़ी वजह मान रहे हैं।
बाजार में इस समय सब्जियों में सबसे महंगी हरी मटर और फूल गोभी है। शहर के नरही व चौक के सब्जी बाजार में हरी मटर का रेट जहां 120 रुपये में है, तो गोभी 40 रुपये प्रति फूल बिक रहा है। सब्जी व्यापारी लल्लन यादव बताते हैं कि हरी मटर की तो काफी शार्टेज है, गोभी भी महंगी बिक रही है। इसके अलावा परवल और खीरे के दाम 60 से 80 रुपये हो गया है। बाकी अन्य सब्जियों के दाम मंगलवार को पहले के मुकाबले कुछ कम रहे। टमाटर, गाजर, बैंगन, प्याज व शिमला मिर्च के दाम स्थिर हैं। सहालग की वजह से सब्जियों की मांग ज्यादा है और आपूर्ति कम।
मौसम में बदलाव होने से प्रभावित हुई उपज
कृषि विेशेषज्ञ महंगाई के पीछे मौसम में बदलाव होने की वजह से कम उपज को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह का कहना है कि अक्तूबर तक बारिश हुई, जिसके कारण सब्जियों की बोूआई नहीं हो पाई। खरीफ के अंतिम समय में जिन सब्जियों की बोआई हो जाती है ,उनकी आवक बाजार में दिसंबर में होने लगती है। इस वर्ष कन्नौज फर्रुखाबाद, हरदोई सहित कई जिलों में सब्जियों की बोआई लेट हुई। इसलिए बाजार में गोभी, बंधा, शिमला मिर्च, टमाटर, आलू की आवक कम हो गई है।
हरी पत्तेदार सब्जियों की वृद्धि भी प्रभावित हुई है। बाजार में सब्जियां नहीं पहुंच पा रही हैं। रवी मौसम की सब्जियों के लिए 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापक्रम की आवश्यकता होती है। लेकिन, दिन रात के तापमान में काफी परिवर्तन उपज में देरी हो रही है।
20 दिसंबर के बाद घट सकते हैं सब्जियों के दाम
सब्जी बीज व्यापारी हेमंत कुमार सिंह ने बताया कि इस समय क्षेत्रीय किसानों के खेतों में शिमला मिर्च, बींस, टमाटर, बैंगन, हरा मिर्च, गोभी, बंधा, हरी धनिया, पालक एवं आलू लगभग तैयार हो रही हैं और 20 दिसंबर के बाद बाजार में सब्जियों के दाम घट सकते हैं। तक तक दाम स्थिर ही रहेंगे।