राजनाथ ने कहा, हम क्लीन-ग्रीन एनर्जी के लिए काम कर रहे हैं। 2030 तक हम रूस, चीन, अमेरिका में से किसी एक को पीछे छोड़कर विश्व के टॉप थ्री देशों में शामिल होंगे। हमारा अगला लक्ष्य 2024 तक हर घर में पाइप से पेयजल की आपूर्ति करना है। लखनऊ में इसके व सीवेज योजना के लिए 298 करोड़ के काम स्वीकृत हो गए हैं। उन्होंने बताया कि 8 लेन की 104 किमी की रिंग रोड के बचे हुए 30 किलोमीटर हिस्से का भी टेंडर हो गया है। बिजली के तार अंडरग्राउंड करने का भी प्रस्ताव है। उन्होंने बताया कि फरवरी 2020 में होने वाले डिफेंस एक्सपो में देश-विदेश की नामी कंपनियां आएंगी। इसके तहत बड़े के अलावा सैकड़ों छोटे उद्योग यहां लगेंगे, जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा। 1300 करोड़ से एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाने का काम चल रहा है। इन सभी से लखनऊ में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और विकास भी तेजी से होगा।
303: यानी थ्री नाट थ्री
लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कार्यकर्ताओं ने उन्हें ऐतिहासिक विजय दिलाई। इसके बाद उन्होंने तय किया कि बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं का सम्मान किया जाए। वह कार्यकर्ता ही है जो पांच साल पार्टी के लिए पसीना बहाता है। कार्यकर्ताओं ने ही भारत के राजनीतिक इतिहास में नया अध्याय 303 सीटें दिलाकर जोड़ा है। 303 यानी थ्री नाट थ्री बड़ी ताकतवर होती है। हंसते हुए कहा कि रक्षा मंत्री हो गया हूं न, इसलिए हथियारों की ज्यादा याद आने लगी है।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ में मध्य कमान मुख्यालय और 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा किया। इसकी शुरुआत उन्होंने कैंट क्षेत्र स्थित मध्य कमान युद्ध स्मारक स्मृतिका में पुष्प अर्पित करके की।
राजनाथ सिंह को मध्य कमान मुख्यालय में लेफ्टिनेंट जनरल अभय कृष्णा और जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ मध्य कमान ने परिचालन और प्रशासनिक मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद बाद रक्षा मंत्री 11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर पहुंचे। उन्होंने इस केंद्र में प्रशिक्षण सुविधाओं का जायजा लिया और पैरा स्लाइडिंग, रॉक क्लाइबिंग और मार्शल आर्ट जैसी प्रशिक्षण गतिविधियों का प्रदर्शन भी देखा।
11 गोरखा राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में आयोजित बड़ाखाना के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में तैनात रक्षा कर्मियों और प्रशिक्षण केंद्र के रंगरूटों के साथ खुलकर बातचीत की। उन्होंने मध्य कमान की युद्ध क्षमता और परिचालन तत्परता में खुशी और विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने सेवारत सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण और प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए कमान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी संतोष व्यक्त किया।