लखनऊ। भारतीय सेना की मध्य कमान की ओर से सात मार्च को छावनी स्थित सूर्या सभागार में ''उभरते सूचना क्षेत्र में सामरिक संचार'' विषय पर पहला स्ट्रेटिजिक कम्युनिकेशन कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। एक दिवसीय सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना में सामरिक संचार पर चर्चा होगी। वक्ताओं में वरिष्ठ राजनयिक, सरकारी संचार विशेषज्ञ और रक्षा एवं विदेश नीति विशेषज्ञ शामिल होंगे।
मध्य कमान के जनसंपर्क अधिकारी शांतनु प्रताप सिंह ने बताया कि चर्चाओं में सामरिक संचार को एक परिचालन क्षमता व राज्य-प्रबंधन के साधन के रूप में संस्थागत रूप देने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। प्रौद्योगिकी-सक्षम रणनीतिक संचार, रणनीतिक कर्ता के रूप में मीडिया, कूटनीति-मीडिया-सैन्य अभिसरण, भारत की वैश्विक छवि का प्रबंधन एवं विरोधी विचारधारा अभियानों का मुकाबला जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में मध्य कमान, भारतीय सेना के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सरकारी एवं निजी क्षेत्र के संचार पेशेवर सम्मिलित होंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा संरचना के भीतर एक संस्थागत क्षमता के रूप में स्ट्रेटिजिक कम्युनिकेशन का परीक्षण करना है।