रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच गए हैं। अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंचने पर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने उनका स्वागत किया। यहां से वह दिलकुशा गार्डेन स्थित अपने आवास पर पहुंचे।
रविवार को रक्षा मंत्री 4400 करोड़ रुपये के 63 किमी लंबे लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण की समीक्षा भी कर सकते हैं। इसका निर्माण एनएचएआई इसी साल के अंत तक शुरू कर देगा। निर्माण कराने के लिए कार्यदायी संस्था चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसे सितंबर तक एनएचएआई पूरा कर लेगा। इसके बाद अगले दो महीने के अंदर निर्माण भी साइट पर शुरू हो जाएगा। टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के लिए ड्राफ्ट भी मुख्यालय को भेज दिया गया है।
एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया को भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। निर्माण पर अकेले करीब 3100 करोड़ रुपये खर्च होना है। बाकी बजट जमीन अधिग्रहण पर एनएचएआई खर्च कर रहा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग का मिल चुका दर्जा
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे को पहले ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा दे चुका है। इसे राष्ट्रीय एक्सप्रेस वे (एनई-6) घोषित किया गया है। इसे डिफेंस कॉरिडोर से भी लिंक किए जाने की योजना है, जिससे एक्सप्रेस-वे के पास उद्योगों का विस्तार किया जा सके।
एक घंटे में लखनऊ से कानपुर
प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे राजधानी में शहीद पथ से लिंक होगा। यह नादरगंज से शुरू होना है जोकि शहरी इलाकों से एलीवेटेड रहेगा। कानपुर के पास एनएच-27 के 71.3 किमी पर यह खत्म होना है। इस एक्सप्रेस वे से केवल एक घंटे में लखनऊ से कानपुर पहुंचा जा सकेगा।