‘पाकिस्तान में नवाज शरीफ हों या कोई और, सरकार वहां सेना की ही चलती है। इसलिए हमारी सरकार को उससे बातचीत नहीं करनी चाहिए, बल्कि भारतीय सेना को जवाब देने की छूट देनी चाहिए’। यह कहना है रक्षा मामलों के जानकार मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी का। बख्शी के साथ रक्षा विशेषज्ञ मारूफ रजा भी रविवार को राजधानी में थे।
मेजर जनरल बख्शी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई लोकतांत्रिक सरकार है ही नहीं। वहां की सेना शिमला समझौता तक को नहीं मानती क्योंकि इसे भुट्टो ने साइन किया था। ऐसे देश से बातचीत का कोई मतलब नहीं है। पाकिस्तान की ओर से जब वहां की सेना बात करना चाहती है तो हमें भी अपनी सेना को ही बात करने देना चाहिए। उसे भारतीय सेना की ही भाषा समझ में आती है।
बख्शी का कहना था कि दक्षिण एशिया में भारत को कमजोर बनाए रखने के लिए चीन और पाकिस्तान मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें दोनों का फायदा है। भारत कमजोर होगा तो दक्षिण एशिया में पाकिस्तान का दबदबा बना रहेगा। ऐसे में जरूरी है कि हम अपनी सेना को मजबूत करने पर काम करें क्योंकि कमजोर को दबाया नहीं जा सकता।