प्रदेश सरकार ने हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से कराने का फैसला किया है। विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक ने इस संबंध में प्रमुख सचिव न्याय को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है।
स्वर्गीय कमलेश की पत्नी किरन तिवारी ने शुक्रवार को विधि एवं न्याय मंत्री ब्रजेश पाठक से मुलाकात कर हत्याकांड में दर्ज मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट लखनऊ में कराकर जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आग्रह किया था।
हत्या के बाद पाठक कमलेश के सीतापुर जिले के महमूदाबाद स्थित पैतृक आवास गए थे और जल्द से जल्द न्याय दिलाने की बात कही थी। किरन ने मंत्री को उनकी घोषणा की याद दिलाई और पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने की जानकारी देते हुए मुकदमें की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट से कराने का आग्रह किया।
विधि एवं न्याय मंत्री पाठक ने शनिवार को यहां बताया कि फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई से संबंधित कार्यवाही के लिए प्रमुख सचिव न्याय को निर्देशित कर दिया गया है। हाईकोर्ट से मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट को स्थानान्तरित कराने और दिन प्रतिदिन के आधार पर सुनवाई कर न्याय दिलाने का आग्रह किया जा रहा है। इसके लिए शासन की ओर से रजिस्ट्रार हाईकोर्ट को पत्र भेजा जा रहा है।
पुलिस दाखिल कर चुकी है चार्जशीट
कमलेश की हत्या 18 अक्तूबर 2019 को हुई थी और देश के विभिन्न हिस्सों से 13 लोग गिरफ्तार किए गए थे, जिसमें एक को जमानत मिल चुकी है। इस हत्याकांड में आठ लोगों पर हत्या करने व हत्या की साजिश रचने तथा पांच पर शरण व मदद देने का आरोप है। पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मुकदमे की सुनवाई चार जनवरी को तय है।