भाजपा की आदित्यनाथ योगी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में क्या-क्या फैसले लिए जा सकते हैं, इसपर मंथन शुरू हो गया है। जानिए, क्या हो सकते हैं ये ?
- पहली केबिनेट में लघु व सीमांत किसानों की कर्ज माफी का निर्णय उसे लागू कराने, किसानों को ब्याज मुक्त कृषि ऋण देने में वित्त और कृषि विभाग की मुख्य भूमिका रहेगी।
- गन्ना किसानों को बकाया भुगतान 120 दिन में कराने, शूगर मिल से उनकी पैदावार का भुगतान 14 दिन में कराने और चौधरी चरण सिंह गन्ना किसान भुगतान आयोग का गठन करने का फैसला लिया जा सकता है।
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- वहीं 2018 तक सूबे के प्रत्येक घर में बिजली कनेक्शन पहुंचाने का वादा भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में मुख्यमंत्री गन्ना और उर्जा विभाग भी सर्वाधिक योग्य मंत्री को देना चाहते हैं। केन्द्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण सहित ग्रामीण विकास की योजनाओं को लागू कराने के लिए ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज भी सोच समझकर दिया जाएगा।
लोक कल्याण संकल्प पत्र को तय समय सीमा में लागू करना चुनौती
पीएम मोदी से मिले सीएम योगी
- फोटो : ani
मुख्यमंत्री व भाजपा नेतृत्व के सामने लोक कल्याण संकल्प पत्र को तय समय सीमा में लागू करना चुनौती है। ऐसे में गृह, कृषि, गन्ना और ऊर्जा ऐसे विभाग हैं जिनमें मंत्रियों को भाजपा की घोषणा के मुताबिक पहले ही दिन से काम शुरू करके दिखाना होगा। मंत्रियों को विभाग का बंटवारा होने के बाद सीएम योगी कभी भी कैबिनेट बैठक बुला सकते हैं।
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किसानों की कर्ज माफी और कत्लखानों पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने वीवीआईपी गेस्ट हाउस में अपर मुख्य सचिव वित्त अनूप चंद पांडे से लघु एवं सीमांत किसानों के कृषि ऋण माफी के लिए आवश्यक बजट और प्रक्रिया के बारे में बातचीत की। उन्होंने नई सरकार के बजट सत्र, सरकार के पास उपलब्ध बजट पर भी चर्चा की। वहीं प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पंडा से प्रदेश में संचालित यांत्रिक और अवैध कत्लखानों को बंद करने को लेकर बातचीत कर अवैध कत्लखाने तुरंत प्रभाव से बंद कराने को कहा।