इटावा लायन सफारी पहुंचे कानपुर के बब्बर शेर विष्णु और लक्ष्मी की मौत कुत्तों से फैलने वाले जानलेवा वायरस कैनाइन डिस्टेंपर से हुई है। इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) बरेली की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
सूत्रों की मानें तो दोनों बब्बर शेरों को यह बीमारी इटावा में ही लगी है। रिपोर्ट आने के बाद बब्बर शेरों की लेप्टो-स्पाई-रोसस से हुई मौत की अटकलों पर विराम लग गया है।
10 सितंबर को कानपुर से दोनों बब्बर शेर इटावा लॉयन सफारी के लिए रवाना किए गए थे। रात में ही दोनों जानवरों को लॉयन सफारी में सुरक्षित बाड़े तक पहुंचाया गया। 23 सितंबर को अचानक बब्बर शेर विष्णु की हालत बिगड़नी शुरू हुई विष्णु ने खाना छोड़ दिया पहले बुखार और जुकाम हुआ फिर उसे लकवा भी मार गया।
इसके बाद ही शेरनी लक्ष्मी की हालत बिगड़नी शुरू हुई और उसने भी खाना छोड़ दिया। 30 अक्तूबर को लक्ष्मी और 16 नवंबर को विष्णु की मौत हो गई।
ये लगाए जा रहे थे आकलन
दोनों जानवरों की अचानक हुई मौत का कारण जानने के लिए उनके अंगों को जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया। पहले माना जा रहा था कि लेप्टो-स्पाई-रोसेस की वजह से दोनों जानवरों की मौत हुई है।
क्योंकि शेरनी लक्ष्मी लेप्टो-स्पाई-रोसेस से ग्रसित थी। हालांकि रवाना करने से पहले दोनों जानवरों का पूरा ट्रीटमेंट किया, रिपोर्ट नार्मल आने के बाद ही दोनों की रवाना किया गया। आईवीआरआई की रिपोर्ट में दोनों की मौत की वजह कुत्ते से फैलने वाले वायरस कैनाइन डिस्टेंपर बताई गई है।
क्या होता है कैनाइन डिस्टेंपर
कैनाइन डिस्टेंपर एक जानलेवा वायरस है जो कुत्तों की लार, फीकल(मल), यूरीन से फैलता है। इसके प्रभाव के चलते पहले जानवर तेज बुखार, उल्टी, जुकाम से पीड़ित होता है। बाद में उसे लकवा मार जाता है। इसके बाद उसकी मौत हो जाती है।
इटावा लॉयन सफारी में हुआ वायरस
जू के सूत्रों की मानें तो बब्बर शेर इटावा सफारी में ही वायरस के संपर्क में आएं हैं। कारण, अगर कानपुर से वायरस होता तो बब्बर शेर जाते ही बीमार हो जाते। लेकिन इटावा सवारी पहुंचने 14 दिन के बाद पहले बब्बर शेर बीमार हुआ। फिर एक ही बाडे़ में रहने के चलते इंफैक्शन से बब्बर शेरनी भी बीमार हुई।
इस पर लायन सफारी के निदेशक केके सिंह का कहना है कि पिछले कई दिनों से बाहर रहने के कारण रिपोर्ट खुद नहीं देखी है। लेकिन जानकारी से पता चला है कि जानवरों की मौत कैनाइन डिस्टेंपर से हुई है।