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यूपीआरएनएन की कार हाइवे पर खड़े ट्रक से टकराई, जीएम-चालक की मौत, पत्नी गंभीर

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मीटिंग के लिए वाराणसी से लखनऊ आ रहे उप्र राजकीय निर्माण निगम के जीएम सुधीर कुमार तायल की कार मोहन?
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हाईवे पर खड़े ट्रक से टकराई कार, राजकीय निर्माण निगम के जीएम की मौत, पत्नी गंभीर
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मोहनलालगंज में गौरा गांव के पास लखनऊ-रायबरेली राजमार्ग पर सोमवार दोपहर उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) के जीएम सुधीर कुमार तायल की कार सड़क पर खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।
भीषण हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। जीएम सुधीर कुमार तायल (60) और कार चालक जय नारायण सिंह (45) की मौके पर मौत हो गई जबकि जीएम की पत्नी संगीता को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों से सूचना पाकर आई पुलिस ने किसी तरह तीनों को कार से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा।
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संगीता तायल की हालत गंभीर बनी हुई है। बताया जा रहा है कि जीएम मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने यूपीआरएनएन से अनुबंधित कार से लखनऊ आ रहे थे। उधर, हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग निकला।
इंस्पेक्टर गऊदीन शुक्ला ने बताया कि सुधीर कुमार तायल यूपीआरएनएन के वाराणसी मंडल में तैनात थे। उनका आवास यहां इंदिरानगर के मानस एन्क्लेव में है। सोमवार सुबह करीब छह बजे वह वाराणसी से पत्नी संगीता के साथ कार से लखनऊ आ रहे थे।
कार बस्ती निवासी चालक जय नारायण सिंह चला रहा था। जीएम को दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में जाना था जबकि उनकी पत्नी संगीता अपने घर जा रही थीं। दोपहर करीब पौने बारह बजे उनकी कार मोहनलालगंज के गौरा गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक में घुस गई।
बोनट के चीथड़े उड़ गए और जीएम व चालक बुरी तरह से कुचल गए। हादसा होते ही मौके पर राहगीरों का मजमा लग गया। शोरगुल मचने पर चालक ट्रक लेकर भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद खून से लथपथ तीनों व्यक्तियों को बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने जीएम व उनके चालक को मृत घोषित कर दिया।
संगीता को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। इंस्पेक्टर का कहना है कि ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज निकलवाने के साथ ही ट्रांसपोर्टरों से संपर्क किया है।
चार दिन बाद होना था रिटायरमेंट
सुधीर कुमार तायल को चार दिन बाद 29 जून को रिटायर होना था। वाराणसी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उनकी विदाई की तैयारी कर रहे थे। वहां उनकी मौत की खबर पहुंची तो सन्नाटा छा गया। यूपीआरएनएन लखनऊ के अलावा वाराणसी से भी कई अधिकारी-कर्मचारियों ने अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हादसे की जानकारी लेने के साथ ही संगीता के उपचार के लिए चिकित्सकों से संपर्क किया। कर्मचारियों ने भर्राए गले से कहा कि ऑफिस से विदाई होने वाली थी, लेकिन साहब ने दुनिया से विदा ले ली।
परिवार के नाम पर सिर्फ एक भाई
यूपीआरएनएन के जीएम सुधीर कुमार तायल के पास परिवार के नाम पर कोई नहीं था। उनके बच्चे नहीं थे। सिर्फ एक भाई मोहन हैं जो गुजरात में तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) में नौकरी करते हैं। उनकी मौत की खबर सुनकर मोहन लखनऊ के लिए निकल पड़े हैं। देर रात तक उनके ट्रॉमा सेंटर पहुंचने की बात कही जा रही है।
आठ साल से साथ था चालक
चालक जय नारायण सिंह करीब आठ साल से जीएम सुधीर कुमार तायल के साथ था। मूलरूप से बस्ती के छतौला निवासी जय नारायण सिंह के परिवार में पत्नी हेमवती, बेटा सुमित, अमित, नितिन व बेटी अवनि हैं। सभी यहां इंदिरानगर के मानस एन्क्लेव स्थित सुधीर कुमार तायल के घर पर ही रह रहे हैं।
ड्राइवर के बेटे को कराई थी मोबाइल की दुकान
जय नारायन सिंह के बेटे सुमित ने बताया कि जीएम सुधीर कुमार तायल सीधे और सरल स्वभाव के थे। वह ड्राइवर श उनके पूरे परिवार का बच्चों की तरह ख्याल रखते थे। उन्होंने सुमित को लखनऊ में ही मोबाइल फोन की दुकान कराई थी। ड्राइवर के परिवार के अन्य सदस्यों को भी वह और उनकी पत्नी स्नेह करते थे और हर जरूरत पूरी करते थे।
अयोध्या से एक साल पहले गए थे वाराणसी
यूपीआरएनएन के अधिकारियों ने बताया कि सुधीर कुमार तायल पहले लखनऊ में तैनात थे। वहां से उन्हें अयोध्या भेजा गया। अयोध्या में उनका प्रमोशन हो गया। करीब एक साल पहले उन्हें जीएम बनाकर वाराणसी भेजा गया था। वहां वह काशी कॉरीडोर समेत अन्य महत्वपूर्ण काम देख रहे थे।
शव लेकर घर पहुंचे यूपीआरएनएन के कर्मचारी
सुधीर कुमार तायल का शव यूपीआरएनएन के कर्मचारी इंदिरानगर के मानस एन्क्लेव स्थित घर ले गए। मंगलवार को भैंसाकुंड में अंतिम संस्कार किया जाएगा। कर्मचारियों ने बताया कि उनके भाई मोहन तायल के आने का इंतजार किया जा रहा है। जय नारायन सिंह का शव भी उनके परिवारीजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
परियोजना प्रबंधक को भी जीएम के साथ था आना
वाराणसी में यूपीआरएनएन के परियोजना प्रबंधक राम विजय सिंह ने बताया कि उन्हें भी जीएम सुधीर कुमार तायल के साथ लखनऊ आना था। हालांकि, रात में उनका कार्यक्रम बदल गया और वह ट्रेन से लखनऊ आ गए। उन्हें हादसे की खबर मिली तो होश उड़ गए। आनन-फानन वह अस्पताल पहुंचे, जहां पता चला कि जीएम और उनकी कार के चालक की मौत हो चुकी है।
सड़क पर ट्रक खड़ा करके खाना पका रहा था ड्राइवर
इलाकाई लोगों ने बताया कि जिस ट्रक के पीछे जीएम की कार घुसी थी, उसका ड्राइवर पास ही खाना पका रहा था। उसने ट्रक को लापरवाही से सड़क पर खड़ा किया था जिसकी वजह से दर्दनाक हादसा हो गया।
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रिटायरमेंट के बाद अयोध्या में बसने की थी योजना
सुमित ने बताया कि अयोध्या में तैनाती के दौरान जीएम सुधीर कुमार तायल वहां से काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद अयोध्या में बसने की योजना बना रखी थी। इसके लिए उन्होंने वहां जमीन भी देख ली थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था।

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