लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यात्री चलती ट्रेन से उतरने का जोखिम उठा रहे हैं। चंद दिन पहले इसी जल्दबाजी में एक महिला को पैर गंवाना पड़ा था।
बीकेटी रेलवे स्टेशन पर मंगलवार दोपहर भी इसी चक्कर में एक दुकानदार जान से हाथ धो बैठा।
ट्रेन का स्टॉपेज न होने पर कूदकर उतरने की कोशिश में पैर सीढ़ी में फंसने से दुकानदार ट्रैक पर गिर पड़ा और कई मीटर तक घिसटता चला गया।
हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पहुंची जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
आगरा पोर्ट एक्सप्रेस का इटौंजा व बीकेटी में स्टॉपेज नहीं हैं। ऐसे में बीकेटी स्टेशन से दोपहर करीब सवा बारह बजे गुजरते समय ट्रेन की रफ्तार कम होते ही एक व्यक्ति ने कूदकर प्लेटफार्म पर उतरने की कोशिश की।
इस दौरान पैर सीढ़ियों में फंसने से ट्रैक पर गिर पड़ा और शौचालय के पाइप में फंसकर घिसटने लगा। कुछ दूर बाद पाइप टूटने से खून से लथपथ होकर व्यक्ति ट्रेन से छिटककर अलग हो गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्टेशन मास्टर डीआर यादव ने बीकेटी पुलिस और जीआरपी को सूचना दी। करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
तलाशी में मिले कागजात के आधार पर मृतक की शिनाख्त भोपाल निवासी मन्ने खां (40) के रूप में हुई।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से इटौंजा के महोना निवासी मन्ने बीस वर्ष से भोपाल में रहकर मिठाई की दुकान चलता था। बीकेटी के बरगदी मगठ में उसकी बहन तब्बसुम रहती है।
बहनोई रईस अहमद ने बताया कि मन्ने उनसे मिलने ही आ रहा था। वहीं, हादसे की सूचना महोना में रहने वाली उसकी मां और भाइयों को दे दी गई है। उधर, भोपाल से भी पत्नी साबिया अपने बच्चों के साथ चल दी है।
लोगों के मना करने पर भी नहीं माना था
स्टेशन मास्टर व कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मन्ने ने स्टेशन से पहले भी ट्रेन की गति धीमी होते ही कूदकर उतरने का प्रयास किया था।
हालांकि कोच में सवार अन्य यात्रियों ने रोक दिया था। बावजूद इसके प्लेटफार्म पर दोबारा चलती ट्रेन से कूद गया।