तेज आंधी के साथ रविवार देर रात हुई बारिश और ओलावृष्टि से 12 लोगों की मौत हो गई। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। कई स्थानों पर पोल टूटकर गिर गए तो कई जगह पेड़ उखड़ गए। वहीं, खेतों में पानी भर जाने की वजह से गेहूं की कटी फसल को भी नुकसान हुआ है।
बलरामपुर के महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र में आंधी व बारिश के दौरान ढही एक मस्जिद की मीनार के नीचे दबकर मां अमीरुन्निशा (30) और बेटे मोइन (2) की मौत हो गई। वहीं, गोंडा में आंधी-पानी के दौरान बिजली के करीब 100 खंभे टूटने से शहर व कस्बों समेत 400 गांवों की बत्ती गुल हो गई। गौरीगंज में छप्पर पर पेड़ गिरने से रामकुमारी (60) की मौत हो गई।
ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उधर सीतापुर में भी अंधड़ के दौरान छप्पर गिरने से एक वृद्ध धर्मेश्वर ने दम तोड़ दिया। बहराइच में धूल भरी आंधी के दौरान एक हादसे में बारातियों से भरी कार को एक ट्रक ने टक्कर मार दी जिसमें दूल्हे के पिता पुत्तीलाल (65) व दूल्हे के मामा राजेंद्र (48) की मौत हो गई। उधर, नानपारा से घर लौटते समय बाइक सवार दो दोस्त कमलेश (28) व अजय (26) आंधी के कारण सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा भिड़े। जिला अस्पताल में दोनों ने सोमवार शाम को दम तोड़ दिया।
हरदोई में बिजली गिरने से पाली थाना क्षेत्र के जमौरा गांव निवासी रामप्यारी पत्नी राजेश्वर की रविवार मौके पर मौत हो गई। घर में भी आग लग गई। इसमें सारा सामान जल गया। संभल के हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव शकरपुर तारनपुर में रविवार देर रात को बिजली गिरने से किसान की मौत हो गई।
पूर्वांचल के वाराणसी, आजमगढ़ और विंध्याचल मंडल के सभी जिलों में आंधी आई और कुछ जिलों में बारिश भी हुई। इस दौरान मऊ में टिनशेड गिरने से किसान की तो मिर्जापुर में नहाते समय गंगा की लहरों में फंसने से युवक की मौत हो गई। जबकि, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर और बस्ती के ग्रामीण इलाकों में देर रात आंधी-पानी और ओले से लाइन में फाल्ट आने से बिजली आपूर्ति ध्वस्त हो गई। आंधी-पानी और ओले पड़ने से आम की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है।