मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वीरांगना रानी अवंती बाई लोधी का आज बलिदान दिवस है और समूचा राष्ट्र उनको नमन कर रहा है। इस अवसर पर हमारी सरकार प्रदेश में तीन महिला पीएसी बटालियन की शुरूआत करने जा रही है। इन तीनों बटालियन का नाम महान वीरांगनाओं झलकारी बाई, रानी अवंतीबाई लोधी और वीरांगना ऊदा देवी के नाम पर रखा गया है।
तीनों वीरांगनाओं ने देश के स्वाधीनता आंदोलन के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। इनके नाम से पीएसी बटालियन की स्थापना करना इनकेबलिदान को सम्मानित करने का एक माध्यम है। हजरतगंज में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और नमन करने के बाद मुख्यमंत्री ने यह उक्त घोषणा की। इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री व मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पीएसी की बटालियन के नामकरण के साथ सारी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी ने प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया और वो प्रथम महिला शहीद वीरांगना थी। रेवांचल में मक्ति आंदोलन की सूत्रधार थीं। 1857 के मुक्ति आंदोलन में इस राज्य की अहम भूमिका थी, जिससे भारत के इतिहास में एक नई क्रांति आई।
उन्होंने तमाम वीरांगनाओं को याद करते हुए कहा कि रानी लक्ष्मीबाई और अवंतीबाई लोधी ने विदेशी हुकूमत की दासता स्वीकार नहीं की और अंतिम सांस तक लड़ती रहीं। उन्होंने कहा कि इन महान वीरांगनाओं से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश सरकार मातृ शक्ति को नमन करने के साथ एक विशेष कार्यक्रम मिशन शक्ति के रूप में शुरू किया है। इसके तहत हमने प्रदेश पुलिस में 20 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने प्रदेश के 1535 थाने में महिला सुरक्षा डेस्क की स्थापना की है। महिलाओं के प्रति साइबर अपराध की सुनवाई के लिए पुलिस महानिरीक्षक को जिम्मेदारी दी गई है। हमारा प्रयास है कि हर जिले में कम से कम पांच महिला पुलिस रिपोर्टिंग चौकी स्थापित हो