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चार दिन तक कमरे में सड़ती रही युवक की लाश, घरवालों ने दी अजीब प्रतिक्रिया

Tue, 28 Feb 2017 04:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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लाश उठाते कर्मचारी
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लखनऊ के मड़ियांव इलाके के प्रीतिनगर में सोमवार को बंद कमरे में श्रेय त्रिपाठी (32) उर्फ रॉकी का शव मिला। स्थानीय लोगों ने हत्या का शक जताने के साथ ही आरोप है कि तीन दिन पहले भी पुलिस को घर से भीषण दुर्गंध आने की सूचना दी थी। 
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लेकिन दो पुलिसकर्मी जांच करने आए और इधर-उधर टहलने के बाद कमरे में किसी मवेशी का शव होने की बात कहकर लौट गए। पुलिस अगर सही छानबीन करती तो उसी दिन मामला खुल जाता। वहीं, छानबीन में पुलिस को युवक की कमरे में शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट मिले। 

पुलिस के अनुसार, युवक की मौत अधिक शराब पीने से हुई है। शव सप्ताहभर से भी अधिक पुराना है। मूलरूप से कौशांबी के सराय अकिल निवासी कृष्ण मुरारी त्रिपाठी का छोटा बेटा श्रेय त्रिपाठी अपनी बहन सत्या त्रिपाठी के प्रीतिनगर स्थित मकान में रहता था। 
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इंस्पेक्टर मड़ियांव नागेश मिश्रा ने बताया कि सुबह करीब सवा ग्यारह बजे सूचना मिली कि घर से बदबू आ रही है। किसी का शव होने की आशंका है। पुलिस ने जब घर का दरवाजा खोला तो अंदर युवक का अर्द्धनग्न शव जमीन पर पड़ा था। 

युवक के सिर के पास रजाई थी और कुछ दूरी पर उसके कपड़े पड़े थे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया। स्थानीय लोगों की माने तो उन्होंने श्रेय को करीब दस दिन पहले दिखा था। 

तीन साल पहले पत्नी भी छोड़कर चली गई

जांच करती पुल‌िस
पुलिस के अनुसार, श्रेय अपनी बहन के घर पर अकेले रहता था। पिता कृष्ण मुरारी खंडविकास अधिकारी थे। उनकी मौत 1984 में नौकरी के दौरान ही हो गई थी। श्रेय की शादी गोंडा के तरबगंज निवासी मंजूलता से हुई है। 

तीन साल पहले पत्नी बेटी को लेकर मायके चली गई। इसके बाद श्रेय से घरवालों ने कोई रिश्ता नहीं रखा। श्रेय के बड़े भाई सौजन्य त्रिपाठी एक न्यूज चैनल में रिपोर्टर है। उनकी पत्नी ने उन पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवा रखा है। 

वहीं, एक बहन सत्या त्रिपाठी बहराइच में शिक्षिका है। दूसरी बहन सत्यवती गृहणी हैं। परिवार के किसी भी सदस्य से श्रेय का संबंध अच्छा नहीं था। स्थानीय लोगों की माने तो श्रेय की गलत आदतों के कारण ही उसका परिवार से नाता टूट गया था।
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घर में किसी को नहीं थी परवाह

इलाके में जमा भीड़
इंस्पेक्टर ने बताया कि कमरे के अंदर का हाल देखने का बाद साफ लग रहा था कि श्रेय शराब का लती था। कमरे में तीन चार शराब की बोतलें, सिगरेट पैकेट, कपड़े इधर-उधर पड़े मिले। कमरे में पड़े बेड पर चादर तक नहीं थी। शव जमीन पर पड़ा था और सड़ गल गया था।

इंस्पेक्टर ने बताया कि श्रेय के मौत की सूचना परिवारीजनों को दी गई। लेकिन ऐसा नहीं लगा कि उसकी मौत का गम किसी को है। सबसे पहली सूचना बहन सत्या को दी गई। कुछ देर बातचीत के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। 

इसके बाद देर शाम तक संपर्क नहीं हो सका। इसी तरह भाई और दूसरी बहन ने भी अंतिम संस्कार के लिए आने से मना कर दिया। परिवारीजनों ने यहां तक कह दिया कि अंतिम संस्कार पुलिस ही कर दे।

बहन बेचना चाहती थी मकान
स्थानीय लोगों ने बताया कि युवक की बहन सत्या मकान बेचने की तैयारी में थी। कई बार ग्राहक भी पहुंचे, लेकिन श्रेय की हरकत देखकर लौट गए। इसे लेकर सत्या से उसकी कहासुनी भी हुई। सीओ अलीगंज मीनाक्षी गुप्ता ने बताया कि श्रेय शराब का आदी था। जरूरत से ज्यादा शराब पीने से ही उसकी मौत हो गई।
 
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह साफ हो सकेगी। एएसपी ट्रांसगोमती दुर्गेश कुमार ने बताया कि श्रेय का कॉलोनी में कुछ लोगों से ही सरोकार था। बेरोजगार और अकेलेपन के चलते शराब पीने लगा। यही उसकी मौत का कारण बना। हत्या की आशंका कम है। 
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