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स्कूल में डांट के बाद से लापता छात्र का शव नहर में मिला

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स्कूल में डांट के बाद से लापता छात्र का शव नहर में मिला
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चिनहट के डायमंड पब्लिक स्कूल में शिक्षक की डांट के बाद से लापता 11वीं के छात्र आशुतोष यादव का शव शुक्रवार सुबह इंदिरा नहर में उतराता मिला।
शव मिलने की खबर से परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। छात्र के पिता विनोद यादव ने स्कूल के प्रबंधक और प्रधानाध्यापक के खिलाफ मानसिक व शारीरिक शोषण तथा खुदकुशी के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
इंस्पेक्टर सचिन कुमार सिंह ने बताया कि छात्र का शव सुबह इंदिरा डैम के पास उतराता मिला। पुलिस दो दिन से नहर में छात्र की तलाश कर रही थी।
गोताखोरों की मदद से शव पानी से निकलवाया गया। उसके खुदकुशी करने की आशंका जताई जा रही है।
उधर, आशुतोष का शव मिलने की सूचना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। रोते-पीटते परिवारीजनों ने आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए हंगामा भी किया।
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उनका कहना था कि स्कूल के प्रधानाध्यापक ने उसे काफी बेइज्जत करके भगा दिया था। मालूम हो कि अनौराकला गांव निवासी विनोद यादव का छोटा बेटा आशुतोष यादव मटियारी चौराहा स्थित डायमंड पब्लिक स्कूल में कक्षा 11 का छात्र था।
बुधवार सुबह वह स्कूल गया जहां परीक्षा के लिए फार्म भरवाए जा रहे थे। आशुतोष अपनी फोटो नहीं लाया था। इस पर शिक्षक ने उसे डांटते हुए भगा दिया।
आशुतोष दोपहर करीब 11 बजे घर पहुंचा और फोटो लेकर स्कूल के लिए निकल गया। परिवारीजन सोचते रहे कि वह स्कूल में पढ़ाई कर रहा है।
जबकि वास्तव में वह कहीं और चला गया था। देर शाम तक आशुतोष घर नहीं लौटा तो परिवारीजनों ने खोजबीन शुरू की।
उसका कुछ पता न लगने पर परिवारीजन स्कूल पहुंचे लेकिन वहां भी कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार सुबह आनंदी वॉटर पार्क के पास इंदिरा नहर की झाड़ियों में आशुतोष के कपड़े मिलने से हड़कंप मच गया।
सूचना पाकर आई पुलिस को चौकीदार ने बताया कि कपड़े बुधवार दोपहर से वहां पड़े थे। पुलिस ने आशुतोष के नहर में कूदकर खुदकुशी करने की आशंका से गोताखोर बुलवाकर छानबीन कराई पर वह नहीं मिला।
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संवेदनशील और अंतर्मुखी स्वभाव का था छात्र
परिवारीजनों ने बताया कि आशुतोष काफी संवेदनशील और अंतर्मुखी स्वभाव का था। वह आसानी से लोगों से घुलता-मिलता नहीं था। मुहल्ले व स्कूल में उसके बहुत कम दोस्त थे। क्लास में भी वह शांत ही रहता था। उसके स्वभाव को स्कूल के लोग समझ नहीं सके और डांटने-फटकारने लगे। इससे क्षुब्ध होकर ही उसने खुदकुशी कर ली।
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