लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की संवेदनहीनता रविवार को उजागर हुई। प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर दो दिन से एक बुजुर्ग का शव पड़ा रहा। पर, किसी ने सुधि नहीं ली। जब शव से बदबू उठने लगी तो रेलवे प्रशासन जागा और जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया।
यह संवदेनहीनता की हद है। चारबाग रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का एवन श्रेणी का स्टेशन है, जहां रोजाना ढाई सौ से अधिक ट्रेनों व सवा लाख से ज्यादा यात्रियों का आना-जाना होता है। इतने व्यस्त स्टेशन पर जीआरपी व आरपीएफ की ऐसी लापरवाही सामने आई है, जो सुरक्षाबलों के संवेदनहीन व लापरवाह होने का पुख्ता सबूत है।
दरअसल, चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर आठ पर जीआरपी को सत्तर वर्षीय वृद्ध का शव रविवार को मिला। पैसेंजरों व स्टॉल मालिकों की मानें तो यह शव दो दिनों से प्लेटफॉर्म पर पड़ा हुआ था। स्टॉल मालिकों व यात्रियों ने बताया कि शव के पड़े होने की जानकारी पहले भी जीआरपी को दी गई थी, पर लापरवाही बरती गई।