लखनऊ। फैजुल्लागंज के खुले नाले में सोमवार को चौकीदार उस्मान (55) का शव पड़ा मिला। अभी यह साफ नहीं है कि उसकी मौत नाले में गिरने से हुई या मरने के बाद किसी ने शव नाले में फेंक दिया। हालांकि, खुले नाले ने नगर निगम की लापरवाही की पोल एक बार फिर खोल दी।
उस्मान की मौत के बाद सोमवार को सपा नेता पूजा शुक्ला ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिया। सपा नेता ममता त्रिपाठी ने पांच लाख रुपये की मदद और परिवार के किसी एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी देने की मांग की। ममता का कहना है कि घटनास्थल के आसपास कई जगह नाले के पत्थर टूटे हैं। कई बार लोग इसके कारण चोटिल हो चुके हैं।
घटना से अंजान बने रहे जिम्मेदार
नाले ढकने की जिम्मेदारी जोनल अभियंता संजय पांडेय की है। उनका कहना है कि किसी के नाले में डूबने की जानकारी नहीं है। कोई नाले में गिरता तो जानकारी जरूरत आती। यह भी कहा कि सभी नालों को ढकना संभव नहीं है। उधर, जोनल अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी पर वह मौके पर गए। नाले में इतना पानी नहीं हैकि कोई उसमें डूब जाए।
खुले नाले ले चुके हैं जान
दो महीने में खुले नाले में गिरने की चार घटनाएं हो चुकी हैं। ठाकुरगंज में खुले नाले में बहे युवक की मौत हो गई थी। करीब एक महीना पहले रकाबगंज में स्कूल से लौटते समय एक बच्चा खुले नाले में गिर गया था, जिसे लोगों ने बचाया था। 15 अगस्त को गोमतीनगर के हैनीमैन चौराहे के पास नाले का पत्थर टूटने से एक व्यक्ति गिरकर घायल हो गया था। बृहस्पतिवार देर रात रहीमनगर में एक व्यक्ति देर रात खुले नाले में गिर गया था।