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गंगा घाट पर लाशें एक साथ लाई आस्था और विज्ञान को !

Thu, 15 Jan 2015 11:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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गंगा में बहती मिली लाशों का बुधवार को डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लिया गया। साथ ही मृतकों की आत्मा की शांति के लिए घाट पर ही हवन किया गया। इसके बाद सभी शवों को दफना दिया गया। इस दौरान जिलाधिकारी, सीडीओ, एएसपी समेत कई थानों की पुलिस और भारी संख्या में पीएसी जवान मौजूद थे।
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भाजपाइयों ने शव दफनाने के विरोध भी किया, लेकिन पुलिस फोर्स के लाठी फटकारने के बाद वे पीछे हट गए। इस दौरान सीओ और सांसद प्रतिनिधि के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बता दें कि गंगा के परियर घाट पर मंगलवार को 104 से अधिक लाशें मिली थीं।

मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जीसीबी मशीनें मंगवाकर शवों को दफनाने की कोशिश की, पर भाजपाइयों ने उन्हें भगा दिया। बाद में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी के विरोध करने पर दफनाने का काम रोक दिया गया। बुधवार सवेरे फिर से शवों को दफनाने के लिए आसपास के नगर पंचायतों से सफाई कर्मचारी और जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं।
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भाजपाइयों ने किया विरोध तो फटकारी लाठियां

घाट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग कर शवों को बाहर निकालने का काम शुरू हुआ। इस बीच जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल, सीडीओ नेहा शर्मा, एडीएम शिवेंद्र सिंह, एएसपी रामकिशुन यादव कई थानों की फोर्स और भारी संख्या में पीएसी जवान के साथ घाट पर पहुंचे। भाजपाइयों ने फिर विरोध किया तो फोर्स ने डंडा फटकार कर भगा दिया।

इसके बाद डॉक्टरों की एक टीम ने डीएनए टेस्ट के लिए दांत के नमूने लेने शुरू किए। दोपहर बाद तक 81 शवों के नमूने लेने के बाद उनकी कोडिंग की गई। इस दौरान वहां जुटे ग्रामीणों, ग्राम प्रधान व पूर्व विधायक रामकुमार से डीएम ने बातचीत की। इसमें तय हुआ कि मृतकों की आत्मा की शांति के लिए हवन किया जाए।

तत्काल घाट पर हवन के साथ शांतिपाठ हुआ। इसके बाद जेसीबी मशीनों की मदद से लाशों को दफनाने का काम शुरू हो गया। जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि 81 लाशों के सैंपल लेकर उन्हें दफना दिया गया है।
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45 ग्राम प्रधानों से मांगा मौतों का ब्यौरा

शवों की संख्या और हो सकती है, जिन्हें तलाश कर दफना दिया जाएगा। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। डीएनए टेस्ट से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि जो शव मिले हैं, उनमें कितने महिला और कितने पुरुष के हैं व उनकी उम्र क्या थी।

उन्नाव के परियर घाट से 104 शवें बरामद होने की घटना के बाद  पुलिस ने आसपास के लगभग 45 गांवों के प्रधानों से उनके यहां पिछले छह महीने में हुई मौतों का विवरण मांगा है। आईजी कानून व्यवस्था ए. सतीश गणेश ने बताया कि प्रधानों से हासिल ब्यौरे के बाद डीएनए का मिलान किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाशें किसकी हैं।

उन्होंने कहा कि अभी तक की पड़ताल में यही बात सामने आ रही है कि आसपास के गांवों के लोग किसी की मृत्यु होने पर यहीं अंतिम संस्कार करने आते हैं और कई मामलों में लोग शव को यहीं गंगा में प्रवाहित कर देते हैं या फिर नदी के किनारे दबा देते हैं।
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