लखनऊ में ठाकुरगंज के गुलालाघाट के पास प्यारेलाल (32) का शव पड़ा मिला। कुत्तों का झुंड शव को नोंच रहा था। देर शाम शिनाख्त के बाद युवक की पत्नी ने हत्या की आशंका जताई। पत्नी के मुताबिक, वह दो दिन पहले हुसैनाबाद जाने के लिए निकला था। अलीगंज थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।
प्रभारी निरीक्षक प्रमोद मिश्रा के मुताबिक, माल के प्यारेलाल ड्राइवर थे। वह सात माह से अलीगंज के शिवलोक कॉलोनी में पत्नी सुशीला व बच्चों के साथ किराए पर रह रहे थे। पत्नी के मुताबिक, प्यारेलाल 31 दिसंबर को हुसैनाबाद निवासी भांजे अजीत के घर जाने की बात कहकर निकले थे।
मोबाइल घर में ही भूल गए थे। देर रात तक नहीं लौटे तो गुमशुदगी दर्ज कराई। बृहस्पतिवार को गुलाला घाट के पास एक युवक का शव पड़ा मिला। राहगीरों ने देखकर कुत्तों को भगाया और पुलिस को सूचना दी। लोगों का कहना है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंची व कपड़ों की तलाशी में मिले दस्तावेज से पहचान हुई।
पत्नी ने कपड़ों से की पहचान
इसके बाद अलीगंज पुलिस से संपर्क किया गया। सुशीला ने कपड़ों से उनकी पहचान की। आरोप है कि प्यारेलाल की हत्या करके शव फेंका गया है। सुशीला ने बताया कि प्यारेलाल भांजे के घर नहीं पहुंचे थे। वहीं, काकोरी में घैला के पास नाले में राकेश चौधरी (30) का शव पड़ा मिला।
पत्नी की मदद से पुलिस ने पहचान की। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सीतापुर के संदना निवासी राकेश चौधरी, पत्नी प्रियांशी और चार बच्चों के साथ आम्रपाली सेक्टर दो में किराए पर रहते थे।
वह ठेला लगाते थे। वह बुधवार को घर से निकले थे, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लगा। पत्नी उनकी तलाश करती रही तो पता चला कि घैला के पास नाले में उनका शव पड़ा मिला है। पत्नी ने हत्या का शक जताया है।